Best Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल

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छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल Chhattisgarh ke paryatan sthal
छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल Chhattisgarh ke paryatan sthal

विद्यार्थीओ आज हम आपको छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल Chhattisgarh ke Paryatan Sthal  Tourism places in chhattisgarh ke Dharmik sthal छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थल छत्तीसगढ़ के किले , छत्तीसगढ़ के महल , यानि की छत्तीसगढ़ में जो भी घूमने लायक स्थान है उसके बारे में बताने जा रहे है. 

इन सभी की जानकारी देने वाले है तो , इसे बिलकुल ध्यान से पढियेगा , और हम एक चीज और कह देते है की इससे ज्यादा पढ़ने के लिए डाटा आपको और कही नहीं मिलेगा ।

 छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल | Chhattisgarh ke Paryatan Sthal

  • भोरमदेव कबीर धाम (कवर्धा) जिले में स्थित, यह अपनी मंदिर निर्माण शैली के कारण ‘छत्तीसगढ़ का खजुराहो ‘ भी कहा जाता है. जिसका निर्माण फणि नागवंश के राजा गोपाल देव के काल में लक्ष्मणदेव ने (1089 ई.) 11वीं सदी में करवाया. यहाँ पर हर वर्ष ‘भोरमदेव महोत्सव’ मनाया जाता है. राजा रामचन्द्र द्वारा 1349 ई. में मड़वा महल का निर्माण कराया गया. यहाँ छेरकी महल भी दर्शनीय है.
  • राजिमगरियाबंद जिला, महानदी, पैरी और सोंढूर नदी के संगम पर बसे राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है. यहाँ के मंदिरों में विष्णु की मूर्तियाँ स्थापित है. मंदिरों का एक सुंदर समूह, जिसमें कुलेश्वर महादेव, राजीव लोचन मंदिर (सबसे प्रसिद्ध मंदिर), राजेश्वर मंदिर सम्मिलित है, राजीव लोचन मंदिर का जीर्णोद्धार जगतपाल ने कराया था. मान्यता है कि जगन्नाथपुरी की यात्रा उस समय तक सम्पूर्ण नहीं होती जब तक राजिम की यात्रा नहीं कर ली जाती।
  • चंपारण्य रायपुर से दक्षिण-पूर्व में स्थित चंपारण्य वैष्णव सम्प्रदाय के पुष्टिमार्ग प्रवर्तक वल्लभाचार्य की जन्म-स्थली है. वल्लभाचार्य के अनुयायियों ने उनकी स्मृति में एक मंदिर का निर्माण किया है.
  • सिरपुर पुराना नाम श्रीपुर एवं ‘चित्रांगदपुर’ था. 5वीं शती के मध्य दक्षिण कोसल की राजधानी था. यह प्राचीन समय में यह महत्वपूर्ण बौद्ध नगरी थी. ईसा की पहली शताब्दी में दार्शनिक नागार्जुन यहाँ के कुलपति थे. चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 639 ई. में महाशिवगुप्त के काल में यहाँ का भ्रमण किया था। सिरपुर में ईंटों से बना लक्ष्मण मंदिर है जिसे महारानी वसाटा ने बनवाया था. यहाँ से बौद्धों का आनंद प्रभुकुटी विहार, स्वास्तिक विहार और अन्य विहार मिले हैं।
  • तुरतुरिया- जि. महासमुंद, महर्षि वाल्मिकी का आश्रम.
  • गिरौधपुरी- बलौदाबाजार के निकट स्थित गुरू घासीदास का जन्म स्थल है. यह सतनामी समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल है. यहां विशाल जैतखाम बनाया जा रहा है.
  • तालागांव- तालगांव बिलासपुर के समीप मनियारी नदी के किनारे है, यहाँ देवरानी-जेठानी मंदिर एवं शिव कालपुरूष की विख्यात प्रतिमा है.
  • आरंग- मंदिरों की ली है. भांडवल (जैन मंदिर), बाघदेवल, महामाया आदि
  • रतनपुर– जिला बिलासपुर, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है, रतनपुर को छत्तीसगढ़ की पहली राजधानी होने का गौरव प्राप्त है. रतनपुर को तालाबों का शहर भी कहा जाता है. यहाँ देखने योग्य स्थानों में महामाया मंदिर, किला और रामटेकरी मंदिर एवं खूंटाघाट बांध प्रमुख है. प्रतिवर्ष नवरात्रि में यहाँ मेला लगता है,
  • खरौद– छत्तीसगढ़ का काशी, जांजगीर-चांपा जिले में स्थित, सोमवंशी राजाओं द्वारा निर्मित भगवान लक्ष्मणेश्वर का अद्भुत शिवमंदिर है. यहाँ शिवरात्रि में मेला लगता है.
  • डोंगरगढ़-  प्राचीन नाम कामावतीपुरी, राजनांदगांव जिले में मुम्बई-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित, यहाँ पहाड़ी के ऊपर माँ बम्लेश्वरी देवी का बड़ा मंदिर और पहाड़ी के नीचे माँ बम्लेश्वरी का एक छोटा मंदिर है. नवरात्रि में यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है. यहीं प्रयाग गिरी पर्वत पर महात्मा गौतम बुद्ध की 30 फीट ऊंची प्रतिमा है.
  • भीमखोज (खल्लारी) माँ खल्लारी का मंदिर है. यहां पहाड़ी के नीचे लाक्षागृह का अवशेष है, जहाँ दुर्योधन ने पांडवों को मारने का षड्यंत्र रचा था.
  • दंतेवाड़ा- यहां शंखिनी नदी के तट पर माँ दंतेश्वरी का मंदिर है, जिसका निर्माण काकतीय नरेश अन्नमदेव ने कराया था मंदिर परिसर में गणेश, विष्णु, नन्दी की कलात्मक मूर्तियाँ है. इसी मंदिर का प्रतिरूप जगदलपुर के राजमहल में भी है।
  • बारसूर- दंतेवाड़ा के समीप. देश की विशालतम गणेश प्रतिमा, मामा-भांजा मंदिर।
  • शिवरीनारायण जांजगीर चांपा. जिले में स्थित यह वह स्थान है जहाँ भगवान राम ने शबरी के झूठे बेर खाए थे. यहाँ महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी का संगम है. यहाँ का नारायण मंदिर दर्शनीय है. यहाँ महाशिवरात्रि पर मेला लगता है.
  • नवागढ़ – यह दुर्ग जिला मुख्यालय से 63 किमी. दूर स्थित है. पूर्व में यह गोंड राजाओं की राजधानी थी. यहां खेड़ापति का एक प्राचीन मंदिर है,
  • मल्हार- बिलासपुर जिला, यहाँ ग्रेनाइट की प्रसिद्ध डिंडेश्वरी देवी की मूर्ति है. यहां देउरी, पातालेश्वर मंदिर, चतुर्भुज विष्णु मूर्ति एवं शैव तथा जैन प्रतिमाएँ दर्शनीय हैं.
  • डीपाडीह- जि. बलरामपुर, कलात्मक मूर्तियों में विशिष्ट मूर्ति महिषासुर मर्दिनी की है।
  • कुनकुरी- जशपुर जिले में, एशिया का दूसरा सबसे बड़ा कैथोलिक चर्च है.
  • मदकू द्वीप– बैतलपुर, में शिवनाथ नदी के तट पर ईसाइयों का पवित्र स्थान. दामाखेड़ा- कबीर पंथियों का प्रमुख तीर्थ स्थल.
  • गिरौदपुरी- सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरू घासीदास का जन्म तथा कर्म स्थल है.
  • लुतरा शरीफ– बिलासपुर के समीप, मुस्लिम संत हजरत बाबा सईद ईसा की दरगाह है.
  • आकाश नगर– दंतेवाड़ा जिले के बचेली में बैलाडीला की पहाड़ियों पर बसा नगर
  • अबूझमाड़- अबूझमाड़िया जनजाति का निवास राज्य का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान है.
  • चैतुरगढ़- कोरबा जिले पाली के पास पहाड़ पर स्थित, यहाँ महामाया मंदिर, किले का भग्नावशेष, गुफा शिवलिंग दर्शनीय है. जनश्रुति प्रचलित है कि भस्मासुर का वध यहीं हुआ था. दुर्गम पहाड़ियों तथा सघन वनों से आच्छादित, वर्ष भर हरियाली और शीतल जलवायु के कारण ही इसे छत्तीसगढ़ का कश्मीर कहा जाता है। प्रख्यात पुरातत्वविद ‘बेगलर’ ने दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण यहाँ के किले को देश के अभेद्य किलों में शामिल किया है। लाफा (चैतुरगढ़) के किले को छत्तीसगढ़ का चित्तौड़गढ़ कहलाता है.
  • तातापानी- अंबिकापुर-रामनुजगंज मार्ग पर तातापानी में गर्म जल स्त्रोत है, इन कुंडों के जल से हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गंध आती है. यहां स्नान करने से अनेक चर्मरोग ठीक हो जाते हैं.
  • मैनपाट- ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’, सरगुजा जिले में स्थित है. यहाँ दो बड़े बौद्ध मठ दर्शनीय है. यहाँ तिब्बती निवास करते हैं. मैनपाट में जनजातीय लोक संस्कृति के साथ ही तिब्बती संस्कृति का संगम है। यहीं सरभंजा जल प्रपात, मतिरिंगा रिहंद नदी का उद्गम, टाईगर प्वाइंट जलप्रपात स्थित है.
  • ठिनठिनी पखना– अंबिकापुर नगर के निकट बड़े-बड़े पत्थरों का समूह है. इन पत्थरों को किसी ठोस चीज से ठोंकने पर विभिन्न धातुओं की आवाज आती है.
  • अर्जुनगढ़– बलरामपुर जंगल में स्थित प्राचीन किले का भग्नावशेष।
  • तुम्माण- कलचुरी (हैहयवंशी) राजाओं ने सर्वप्रथम अपनी राजधानी यहीं बनायी थी.

गुफाएं

  • कुटुमसर गुफा- जगदलपुर के निकट कुटुमसर भूमिगत गुफा है, इसे प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता डॉ. शंकर तिवारी द्वारा खोजा गया है. कुटुमसर गुफा स्टेलेग्माईट और सेलेक्टाईट से निर्मित है। अमेरिका स्थित विश्व की सर्वाधिक लंबी गुफा कार्ल्सवॉर ऑफ केव से इसकी तुलना की जाती है। यह भारत की सबसे गहरी गुफा है। गुफा की छत से लटके चूने के आकर्षक स्तंभ दर्शनीय हैं। यहाँ अंधी मछलियों का निवास है।
  • कबरा पहाड़ गुफा– रायगढ़, प्राचीनतम् मानव निवास के प्रमाण, पूर्वपाषाण कालीन चित्रकारी.
  • रामगढ़ गुफा- सरगुजा जिले में विंध्याचल पर्वत श्रृंखला का अंग । विश्व की प्राचीनतम रंगशाला रामगढ़ गुफा में है। माना जाता है कि यहाँ कालिदास ने मेघदूत की यहीं की रचना की थी। यह पहाड़ी महाकवि कालिदास के यक्ष की विरह स्थली। यहाँ विश्व की प्राचीनतम रंगशाला है जो सीता बेंगरा के नाम से प्रसिद्ध है। प्रचलित मान्यता के अनुसार भगवान रामचंद्र ने वनवास काल का कुछ समय रामगढ़ में व्यतीत किया था।
  • सिंघनपुर गुफा– रायगढ़, पाषाणकालीन अवशेष, विश्व का प्राचीनतम् मानव शैलाश्रय,
  • कैलाश गुफा–अंबिकापुर के समीप संत गहिरा गुरू जी ने पहाड़ी चट्टानों को तराश कर निर्मित करवाया था।

जिला-रायपुर 

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.रायपुरऐतिहासिक, धार्मिकदूधाधारी मठ , विवेकानंद सरोवर , बोत क्लब , संग्रहालय सदनी दरबार
2.चम्पारणधार्मिक, ऐतिहासिकमहाप्रभु वल्लाभाचार्य की जन्मस्थली , चम्पकेश्वर , महादेव मंदिर
3.आरंगधार्मिक, ऐतिहासिकभंडालदेव जैन मंदिर , बाघ देवल
4.चंद्रपुरीपुरातात्विकप्राचीन शिव मंदिर , कौशल्या देवी मंदिर

जिला-बलौदाबाजार  

क्र  पर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.पलारीधार्मिकसिद्धेश्वर शिव मंदिर
2.गिरौधपुरीधार्मिक , ऐतिहासिकगुरु घासीदास निवास , छाता पहाड़, सफर मठ ( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
3.बारनवापाराअभ्यारणवन्यप्राणी
4.दामाखेड़ाधार्मिककबीर चबूतरा
5.तुरतुरियाधार्मिक,प्राकृतिक , पुरातात्विकलवकुश की जन्म स्थली , बौद्ध विहार
6.चंगोरपुरीधामधार्मिक, प्राकृतिक , पुरातात्विकत्रिवेणी संगम

जिला-गरियाबंद

क्र  पर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.राजिमधार्मिक , ऐतिहासिकराजीव लोचन मंदिर , सोमेश्वर महादेव मंदिर ,
2.फिंगेश्वर ऐतिहासिकफरिकेश्वर नाथ , महादेव , मावली माता , किला
3.उदंती अभ्यारणवन्य प्राणी( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
4.मैनपुरधार्मिक , पुरातात्विक , सांस्कृतिकपैरी नदी उद्गम स्थल एवं प्राकृतिक

जिला- महासमुंद 

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल के श्रेणीमुख्य  दर्शनीय स्थल
1.सिरपुरधार्मिक, ऐतिहासिक , पुरातात्विकलक्ष्मण मंदिर , बौद्ध स्वस्तिक मंदिर
2.खल्लारीधार्मिक,ऐतिहासिक , प्राकृतिकप्राचीन देवालय , खल्लारी माता , भीमपट
3.कनेकेराधार्मिक , पुरातात्विकप्राचीन देवालय
4.सुवरमारगढ़ पुरातात्विक,ऐतिहासिक सांस्कृतिकप्राचीन गढ़ ( किला ), जलाशय पहाड़ी , गुफा वन क्षेत्र

जिला-धमतरी 

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल के श्रेणीमुख्य  दर्शनीय स्थल
1.धमतरीऐतिहासिक , धार्मिकप्राचीन किला , बिलाई माता मंदिर , रामचंद्र मंदिर
2.सिहावाऐतिहासिक , धार्मिक , पुरातात्विककर्णेश्वर मंदिर , पवित्र जल कुंड , सरोवर  गुफा
3.सीतानदीअभ्यारणवन्य प्राणी
4.गंगरेल/ माडमसिल्लीजलाशयजलकक्रीड़ा
5.देवपुर/कंडेलधार्मिक , पुरातात्विकपातालेश्वर महादेव , डोंगरश्वर घाट , ( घाट )

जिला- दुर्ग

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणीमुख्य दर्शनीय स्थल
1.दुर्गऐतिहासिक, पुरातात्विकबौद्धकालीन भग्न मुर्तिया तथा शिलाखंड
2.भिलाईऔद्योगिकइस्पात कारखाना , मैत्रीबाग
3.पाटनप्राकृतिक ;आग तालाब (तालाब की नगरी )
4.देव बलौदापुरातात्विकप्राचीन शिव मंदिर
5.धमधाऐतिहासिक, पुरातात्विकप्राचीन किला एवमं मंदिर , बूढ़ा तालाब
6.नागपुरधार्मिकजैनो का तीर्थ

 जिला- बालोद 

क्रपर्यटनl स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणीमुख्य दर्शनीय स्थल
1बालोदपुरातात्विक धार्मिककपिलेश्वर तालाब , प्राचीन मंदिर, सियादेवी
2तांदुलाजलाशयबांध दृश्य( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
3चौरलधार्मिक पुरातात्विक 

सांस्कृतिक एवंम

श्री गौरैय्या सिद्ध शक्तिपीठ 9 वीं 11वीं सदी के मध्य हथवांसी राजवंश कलचुरी कालीन प्राचीन मुरमिया , कुंड, श्री विमल वैदिक सेवा आश्रम, एवं श्री सद्गुरु कबीर घांट

जिला- बेमेतरा

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणीमुख्य दर्शनीय स्थल
1नवागढ़ऐतिहासिक, पुरातात्विकप्राचीन खेड़ापति मंदिर

जिला- राजनाँदगाँव

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणीमुख्य दर्शनीय स्थल
1.डोंगरगढ़धार्मिक , ऐतिहासिकबम्लेश्वरी देवी , बुध प्रतिमा
2.खैरागढ़ऐतिहासिक , शैक्षणिक , पुरातात्विकइंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय
3.गंडईधार्मिक,ऐतिहासिक ,प्राचीन शिव मंदिर
4.अम्बागढ़धार्मिक , प्राकृतिकअम्बा देवी मंदिर (16 कीमो )
5.माँ भवानी मंदिरधार्मिक , प्राकृतिकपहाड़ी पर स्थित माँ भवानी का मन्दिर, करेला एवं प्रकृतकी सौंदर्य
6.सकरदारहाधार्मिक , प्राकृतकटापू पर स्थित सतबहनिया मंदिर , विभिन्न मंदिर , एनीकट , मोगरा बरंज , जलदाहृ , खूखा बराजा , मोछधाम
7.जय दोंगेश्वरधार्मिक , प्राकृतिक महत्त्वमनदीप खोल , पैलीमेटा बांध ( सुरही जलाशय ) महादेव , चोरराधम , मोटियारी  घाट , नर्मदा कुंड , शिव गंगाई मंदिर गंडई तथा घटियेर  का प्राचीन पुरातात्विक शिव मंदिर

जिला – कबीरधाम

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणीमुख्य दर्शनीय स्थल
1.भोरमदेवधार्मिक , ऐतिहासिक , पुरातात्विकभूरादेव मंदिर , मांडवा महल , छेरकी महल
2.कबीरधामपुरातात्विकझिरना नंदा कुंड
3.ग्राम अच्छी  बनोधार्मिकपातालेश्वर महादेव
4पचराहीधार्मिक , पुरातात्विक ,प्राचीन कंकालिन मंदिर , प्राचीनकालीन  एवं प्राकृतिक मुर्तिया एवं खुदाई से प्राप्त अन्य कई स्मारक
5.माँ नर्मदा कुण्डीधार्मिक एवं प्राकृतिक , सांस्कृतिकनर्मदाधम  कुंड एवं आस-पास मंदिर
6.पारस नगर बकेलाधार्मिक एवं प्राकृतिक , सांस्कृतिकजैन पार्शवनाथ मंदिर , हाफनादि , पचराही एवं प्राकृतिक स्थित पुरातात्विक स्थल एवं ग्राम देवसरा स्थिहत पर्वत से प्राप्त प्राचीनकालीन मुर्तिया तथा प्राचीन गुफा

जिला- बस्तर

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणीमुख्य दर्शनीय स्थल
1.जगदलपुरऐतिहासिक , धार्मिकदंतेश्वरी मंदिर , राजमहल, दलपत सागर , संग्रहालय
2.बस्तरपुरातात्विकशिल्पग्राम , संग्रहालय
3.नारायण पालपुरातात्विकविष्णु मंदिर एवं भद्रकाली मंदिर
4.चित्रकोटप्राकृतिकघाटी , टेलिनमता का मंदिर
5.कांगेरघाटीराष्ट्रीय उद्यानबौद्ध विहार( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
6.माचकोटप्राकृतिकप्राचीन शिव , विष्णु , नरसिंघ मंदिर का समूह

जिला – कोंडागांव

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य  दर्शनीय स्थल 
1कोंडागांवसांस्कृतिकशिल्पग्राम
2.केशकालप्राकृतिकघाटी , टेलिनमता का मंदिर
3.भोंगापालपुरातात्विकबौद्ध विहार
4.गढ़घनोरापुरातात्विकप्राचीन शिव , विष्णु , नरसिंघ मंदिरो का समूह

जिला – नारायणपुर

क्रपर्यटन स्थलपर्यटन स्थल की श्रेणीमुख्य दर्शनीय स्थल
1.अबूझमाढ़प्राकृतिकपाषाण युगीन अवशेष
2.छोटे डोंगरपुरातात्विकप्राचीन मंदिर के भग्नावशेष

जिला – कांकेर

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.कांकेरधार्मिक , ऎतिहासिकसिंघ्वासिनी मंदिर , गढ़िया , पहाड़ राजमहल जलाशय
2.दुधवाजलाशयजलाशय
3.भानुप्रतापपुरधार्मिक , ऎतिहासिक , प्राकृतिकप्राचीन किलगढ़ देवी मंदिर , शिवमंदिर किला पहर जलाशय गुफा ( गढ़बांसला )
4.खण्डी घाटधार्मिक , पुरातात्विक , सांस्कृतिक , प्राकृतिकसिद्धेश्वर महादेव , माया मोहनी , योगी गुफा, अस्टभुजी भवानी मंदिर
5.गरगौरी , गढ़शीतलाधार्मिक , ऎतिहासिक , पुरातात्विकजोगीगुफा गढ़मढ़िया देव , गढ़हिंगळाज एवं पंचफुलवृक्षा योनीशक्ति सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक

जिला – दंतेवाड़ा

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल     
1.दंतेवाड़ाधार्मिक , ऎतिहासिकदंतेश्वरी देवी
2.बैलाडीलाअधोगिक , प्राकृतिकलौह अयस्क की खाने
3.बारसूरऎतिहासिक , पुरातात्विकमां भांजा मंदिर , बत्तीस मंदिर , संग्रहालय

जिला – बीजापुर

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.भैरमगढ़पुरातात्विक , अभ्यारणप्राचीन मंदिर के खँडहर , किले एवं तालाब
2.इंद्रावतीराष्टीय उद्यानवन्य प्राणी
3.पामेड़अभ्यारणवन्य प्राणी

जिला – बिलासपुर

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.बिलासपुरधार्मिक , प्राकृतिककानन  पेंडारी , काली मंदिर
2.रतनपुरऎतिहासिक धार्मिकमहामाया मंदिर , भैरव मंदिर , किला
3.बेलगहनाधार्मिक प्राकृतिकसिद्धबाबा  मंदिर , महाकालेश्वर मंदिर , करिआम
4.बेलपानऐतिहासिक  पुरातात्विकशिवमंदिर   , विशालकुंडा ( नर्मदा उद्गम ) , सीताकुंड  धार्मिक
5.मल्हारऐतिहासिक  पुरातात्विक धार्मिकपलालेश्वर डिड़नेश्वरी मंदिर( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
6.तलगाओंपुरातात्विक ऐतिहासिक  पुरातात्विकदेवरानी जेठानी मंदिर , रूद्र शिव प्रतिमा
7.लुतरा शरीफमजहबीहज़रात बाबा सैयद इन्शान अली की दरगाह
8.दलहाबाबा पहाड़धार्मिक ऐतिहासिकश्री सिद्ध बाबा मंदिर , कोटेश्वर  मंदिर , कोतसागर  एवं घोंघा  जलाशय  प्राकृतिक  प्रवासी  पक्षी  विचरण  केंद्र
9.खोंधरा( गरगज पर्वत )प्राकृतिकगरगज पर्वत एवं आसपास के रमणीय   स्थल , स्टाम्प डेम , जलस्रोत सीपत
10कुरदारप्राकृतिकअचानकमार अभ्यारण्य  , ग्राम  सरगोण्ड स्थित चांदनी जलप्रपात बारीडीह स्थित वॉचटॉवर एवं घोघना जलाशय

जिला – मुंगेली

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.सोनमुड़ाधार्मिक, प्राकृतिकनर्मदा उद्गम
2.अचानकमारअभ्यारण्य ,प्राकृतिकवन्य  प्राणी
3.लोरमीधार्मिकमहामाया  मंदिर
4.सेतगंगा ( मुंगेली )ऎतिहासिक, पुरातात्विकसेतगंगा कुंड , श्री रामजानकी मंदिर , पुरातात्विक मुर्तिया धार्मिक

जिला – जांजगीर चंपा

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.जांजगीरऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिकविष्णु  मंदिर , शिव मंदिर , बरम  बाबा चौरा
2.खरौदाऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिकलक्ष्मारेश्वर मंदिर , शबरी  मंदिर
3.शिवरीनारायणऐतिहासिक, पुरातात्विकशिवरीनारायण मंदिर , दूधाधारी  मठ
4.पीथमपुरधार्मिक , सांस्कृतिककालेश्वर महादेव मंदिर
5.champa ऐतिहासिकसमलेश्वरी  देवी मंदिर , जगनाथ  मंदिर , राजमहल
6.सकतीऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिकदमाऊ  दहरा  , पंचवटी  , रवनखोल  
7.चंद्रपुरऐतिहासिक, धार्मिकचंद्र  हसनी देवी मंदिर( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
8.दल्हा पहाड़धार्मिक , प्रकिर्तिकसीधमुनि आश्रम , विशेश्वरी देव मंदिर , चतुर्भुजी देवी , नागेश्वर धाम , अर्धनारीश्वर धाम , सिद्धबाबा आश्रम , गुफा

जिला – कोरबा

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.कोरबाऔधोगिकसुपर थर्मल पावर  बालको
2.पालीऎतिहासिक धार्मिकप्राचीन शिव मंदिर
3.लाफागढ़  ऎतिहासिक धार्मिकप्राचीन किला , गुफा , महामाया मंदिर
4.चैतुरगढ़ऎतिहासिक धार्मिकप्राचीन किला , गुफा , प्राकृतिक
5.केंदईजलप्रपात , प्राकृतिकजलप्रपात
6.तुम्हेंपुरातात्विकप्राचीन शिव मंदिर
7.बागोजलाशय , प्राकृतिकबाघ  दृश्य  

जिला – सरगुजा

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.अंबिकापुर  धार्मिकसीताबेंग  , जोगी गुफा 
2.रामगढ़  ऎतिहासिक पुरातात्विक प्राकृतिकहाथीपोल , सीता  कुंड ( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
3.मैनपाट  धार्मिक प्राकृतिकहिल स्टेशन  , बौद्ध  मंदिर 
4.देवगढ़धार्मिकअर्धनारीश्वर शिव मंदिर

जिला – बलरामपुर 

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.डीपाडीह  पुरातात्विक , धार्मिकप्राचीन मंदिरो का समूह  
2.तातापानी प्राकृतिकगरम पानी का स्टोर एवं प्रपात  
3.रक्सगण्डाप्राकृतिकप्रपात  ( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
4.सेमरसोत  अभ्यारण्यवन्य प्राणी

जिला – सूरजपुर  

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.कुदरगढ़  धार्मिक , ऐतिहासिक , प्राकृतिककुदरगढ़  देवी , किला  कपिल  धरा  
2.सरासर  धार्मिक , प्राकृतिकगंगा  धार मंदिर , जलधारा 
3.तमोर  पिंगला  अभ्यारण्यवन्य प्राणी

जिला – कोरिया

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.कोटडोर  पुरातात्विकअशोक  कालीन  मुर्तिया ( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
2.घाघराधार्मिक, ऎतिहासिक , पुरातात्विकप्रस्तरों  का मंदिर , सीममढ़ी  
3.हरचोकाधार्मिक, प्राकृतिक , पुरातात्विकदेवी देवताओ  का प्राचीन मंदिर  गुफाये  
4.मुरेरगढपुरातात्विक ऐतिहासिकप्राचीन किला एवं मंदिर , हिल स्टेशन  
5.चिरमिरीऔधोगिककोयले  की खान  ( पूंडरी हिल कलारी )

जिला – रायगढ़

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.रायगढ़ऐतिहासिक , पुरातात्विककबरा  पहाड़  , बादली  गुफा , टीपा  खोल  , पहर मंदिर
2.खरसियासांस्कृतिक , औधोगिकरामझरना मछलीघर
3.सरगढ़  ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक ,गिरिविलास  महल  , तालाब
4.धरमजयगढ़  प्राकृतिक धार्मिकषिश्रृंगा  घाट , ओंगना , रेशम धागा केंद्र
5.सिघनपुर  पुरातात्विकशैल चित्र एवं गुफाये( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
6.पुजारीपाली  पुरातात्विकबौद्ध कालीन विष्णु मंदिर , महाप्रभु , केवटिन एवं ranijhula के मंदिर 
7.गोमर्डा  अभ्यारण्यवन्य प्राणी

जिला – जशपुर 

क्र पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय स्थल 
1.जशपुर नगरप्राकृतिक   ऎतिहासिक धार्मिकलोरघाट  , रानीदाह  प्रपात , दमेरा  प्रपात , इंदिरा घाट
2.पथगाओंप्राकृतिक , धार्मिककिलकिला , घटिया , नंदन झरिया
3.कुनकुरी  प्राकृतिक, धार्मिकमहागिरिजाघर , बेनेपरपत
4.बगीचाप्राकृतिक, अभ्यारणनाशपाती , लीची , आम के बगीचों की घटिया खुड़िया रानी की गुफा एवं प्रपात
5.सत्राप्राकृतिक, अभ्यारणप्राकृतिक
6.बादलखोलअभ्यारणवन्य प्राणी

छत्तीसगढ़ के स्थलों के उपनाम

क्रमांक उपनाम स्थान 
1.छत्तीसगढ़ का प्रयागराजिम( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
2.छत्तीसगढ़ का काशीखरौद
3.छत्तीसगढ़ का नियाग्राचित्रकुट
4.छत्तीसगढ़ का शिमलामैनपाट
5.बस्तर का शिमलाकेशकाल
6.छत्तीसगढ़ का नागलोकतपकरा
7.छत्तीसगढ़ का खजुराहोंभोरमदेव
8.छत्तीसगढ़ का काश्मीरचैतुरगढ़
9.तालाबों का शहररतनपुर
10.टंकियो का शहररतनपुर
11.मंदिरों की नगरीआरंग
12.इस्पात नगरीभिलाई
13.सबसे ठंडा स्थानअंबिकापुर
14.सबसे गर्म स्थानचांपा
15.छत्तीसगढ़ का पेरिसराजनांदगाँव
16.चौराहों का शहरजगदलपुर
17.छत्तीसगढ़ का गांधीपं. सुन्दरलाल शर्मा
18.छत्तीसगढ़ का मंगल पाण्डेहनुमान सिंह
19.छत्तीसगढ़ का भगत सिंहपरसराम सोनी
20.छत्तीसगढ़ का तात्याटोपेगुण्डाधूर
21.छत्तीसगढ़ का वाल्मीकिगोपाल मिश्र
22.छत्तीसगढ़ का पाणिनीहीरालाल काव्योपाध्याय
23.बस्तर का प्रवेश द्वारकेशकाल
24.समृद्धि की नगरीसिरपुर( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )
25.छत्तीसगढ़ का जुड़वा शहरराजिम व नवापारा
26.छत्तीसगढ़ का मासिमरामअबुझमाड़
27.सरगुजा की जीवन रेखा नदीरिंहद नदी
28.एशिया की सबसे बड़ी इमली मंड़ीबस्तर
29.छत्तीसगढ़ का स्विट्जरलैण्डसन्नाहिल
30.छत्तीसगढ़ की ज्ञान की राजधानीभिलाई
31.छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन सिटीभिलाई
33.छत्तीसगढ़ की संस्कारधानीराजनांदगाव
34.छत्तीसगढ़ की सहकारिता पुरूषरामगोपाल तिवारी
35.छत्तीसगढ़ में सहकारिता के जनकवामनराव लाखे
36.दुर्ग में सहकारिता के जनकपं. रत्नाकर झा
37.छत्तीसगढ़ में कबीर पंथ के संस्थापकचुडामणी साहेब

छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थल 

जांजगीर – अपूर्ण विष्णु मंदिर

धमधा (दुर्ग) -प्राचीन किला मंदिर

खैरागढ़ (राजनाँदगाँव)– एशिया का एकमात्र कला व् संगीत विश्वविद्यालय

खूटाघाट (बिलासपुर)- खारंग नदी पर बना बांध पिकनिक स्पॉट

रुद्री (धमतरी) बांध-कुद्रेश्वर महादेव यज्ञ मंदिर, कबीरपंथियो का धार्मिक स्थल ,महानदी के तट पर स्थित  रुद्री  का निर्माण कांकेर नटेश रुद्रदेव ने करवाया था ।( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )

तांदुला ( दुर्ग )- तांदुला नदी पर बना बांध ।

नागपुर ( दुर्ग )- श्री उवसंहार परशतीर्थ , प्राचीन जैन मंदिर

बालौद ( दुर्ग ) – सती चबूतरे व्  प्राचीन किला मंदिर ।

खरखरा ( दुर्ग )- 1128 मिटेर लम्बा मिटटी का बना बांध

देव बलौदा  ( भिलाई , दुर्ग )- प्राचीन शिव मंदिर

सिंघौरा ( सरायपाली ,महासमुंद ) – सिंघोरा देवी का प्रसिद्ध मंदिर ।

तुरतुरिया ( महासमुंद ) – बहरिया ग्राम के पास बालमीकि आश्रम , काली मंदिर ।

पलारी ( बलौदा बाजार , रायपुर ) – ईंट से निर्मित सिद्धेश्वर मंदिर

गिरौधपुरी ( रायपुर ) – संत घासीदास की जन्म स्थली

दामाखेड़ा ( सिमगा , रायपुर ) – कबीरपंथियो  की पीठ

सिहावा ( धमतरी )- श्रृंगी ऋषि पर्वत से महानदी का उद्गम, कर्णेश्वर महादेव , मातागुड़ी , मोखला मांझी , भिम्बा महाराज ।

चंदखुरी ( रायपुर ) – प्राचीन शिव मंदिर ।

रविशंकर जलाशय ( धमतरी ) – महानदी पर सिचाई हेतु बहुउदेशीय बांध

केशकाल घाटी ( जगदलपुर बस्तर )- 5 कीमो लम्बी सर्पाकार घाटी राष्ट्रीय स्मारक गाढापनोरा , कोपेन कोंहारी में चौथी शताब्दी की प्राचीन गणेश मूर्ति

ऋषभ तीर्थ गुंजी व् शक्ति ( बिलासपुर )- तामउदहरा झरना , पंचवटी , गिद्ध पर्वत

रायपुर – राज्य की राजधानी , महामाया मंदिर म बुद्धेश्वर महादेव , महंत गुरु घासीदास संग्रहालय , दूधाधारी मठ , बंजरिमाता , बंजारीधाम , साई मंदिर , जगननाथ मंदिर , सरोना मंदिर , बंजारी वाले बाबा का मजार , संत जोसफ चर्च , नंदन वन , गुरुद्वारा श्री gurusingh sabha .

पाली ( बिलासपुर ) – 9वि  शताब्दी का शिव मंदिर

लाफागढ़ ( बिलासपुर ) – माइकल पर्वत की ऊँची छोटी पर किला व् जटाशंकरी नदी का उद्गम स्थल , कलचुरियो की प्रथम राजधानी ।

धनपुर ( बिलासपुर )– जैन तीर्थंकर की मूर्ति व् प्राचीन मंदिर

कोरबा – भारत का सबसे बड़ा तप विद्युतगृह , अल्मुनियम कारखाना( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )

चांगभखार  भाखर ( सरगुजा ) – कलचुरी व् चौहाणकालीन   मठो व् मंदिरो के पुरावशेष

बैलाडीला ( दंतेवाड़ा )-  लौह अयस्क का प्रसिद्ध स्थान

बिलाई माता धमतरी नगर में बिलाई माता

बिरकोनी ( महासमुंद )चण्डीमाता का मंदिर

चंडी डोंगरी ( बागबाहरा )- चण्डीमाता का विशाल प्रतिमा

फिंगेश्वर ( राजिम , रायपुर )- मौली  माता , पांच मंदिर , गरिएबंद

ब्राह्मणी ( महासमुंद )– ब्राह्मणेश्वर  महादेव का प्राचीन मंदिर व् श्वेत गंगा नमक जल कुंड ।

झलझला ( बालोद , दुर्ग )– गंगा मैया का मंदिर ।

पत्थर फॉर माँ कंकालिन ( बालोद , दुर्ग )– कंकालिन  मैया का पवित्र मंदिर ।

खलारी ( महासमुंद )- खल्लारी माता का मंदिर , नारायण मंदिर ।

छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थल धर्म अनुसार 

हिन्दू धर्म में दो अस्थायी वैष्णव , शैव है , वैष्णव धर्म वाले भगवान विष्णु को अपना आराध्य मानते है तो वही शैव धर्म वाले भगवान शिव को लेकिन दोनों ही आर्य सनातनी है , इसी प्रकार हिन्दू धर्म से ही कुछ छोटे एवं बड़े पंथ निकले जैसे जैन पंथ , बौद्ध पंथ , कबीर पंथ , सतनाम पंथ इत्यादि ।( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )

वैष्णव धर्म ( विष्णु ) :-

1. सिरपुर, लक्ष्मण मंदिर, ( महासमुंद  )

2. राजिम, राजीवलोचन मंदिर, ( गरियाबंद )

3. बुड़ीखार, चतुर्भुज विष्णु मूर्ति (बिलासपुर)

4. मदकू द्वीप, विष्णु मंदिर (मुंगेली)

5. गढ़धनोरा, विष्णु मंदिर (कोण्डागांव)

6. खल्लारी, विष्णु मंदिर (महासमुंद)

7. शिवरीनारायण, नर नारायण मंदिर (जांजगीर चांपा)

शैव (शिव) धर्म :-

1. तालाागांव, रूद्धशिव की प्रतिमा (बिलासपुर)

2. पीथमपुर, (जांजगीर चांपा)

3. पाली, शिव मंदिर ( कोरबा )

4. गंडई, शिव मंदिर (राजनांदगाँव)

5. धोबनीग्राम, शिव मंदिर (बलौदाबाजार)( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )

6. खरौद, शिव मंदिर ( जांजगीर चापा)

7. बेलगहना, महाकालेश्वर मंदिर (बलौदाबाजार)

8. महल, शिव मंदिर (कवर्धा)

9. राजनांदगाँव, विशाल शिव मंदिर (राजनांदगाँव)

10. चंपारण्य, शिव मंदिर

बौद्ध पंथ :-

1. सिरपुर (महासमुंद)

2. मैनपाठ (सरगुजा)

3. भोंगापाल (कोण्डागांव)

4. प्रज्ञागिरी ( राजनांदगांव)

5. तुरतुरिया (बलौदाबाजार)

जैन पंथ :-

1. गुंजी (जांजगीर चांपा)

2. नगपुरा (दुर्ग )

3. धनपुर (बिलासपुर)

4. आरंग (रायपुर)

कबीर पंथ :-

संस्थापक चुडामणी साहेब

1. दामाखेड़ा, (बलौदाबाजार)

2. कुदुरमाल (जांजगीर चांपा)

सतनाम पंथ :-

1. गिरौदपुरी (बलौदाबाजार)

ईसाई पंथ :-

1. मदकू द्वीप (मुंगेली )

2. विश्रामपुर (सुरजपुर)( Chhattisgarh ke Paryatan Sthal | छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल )

3. कुनकुरी (जशपुर)

मुस्लिम पंथ :-

1. तकिया (सरगुजा)

2. लुथराशरीफ (बिलासपुर)

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