छत्तीसगढ़ में ऊर्जा | Chhattisgarh Me Urja | Energy in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में ऊर्जा Chhattisgarh Me Urja Energy in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में विकास का अग्रदूत ऊर्जा को मन जाता है क्योकि इसी के कारन छत्तीसगढ़ की पूंजी बढाती है । और दूसरे राज्यों से पैसा मिल जाता है ।

ऊर्जा 2 प्रकार के होते है :-

  1. परमपरागत ऊर्जा :- वे ऊर्जा जो सदियों से चले आ रहे है । जो बहुत ही प्राचीन है । जैसे की कोयला , जीवाश्म ईंधन , इत्यादि ।
  2. गैर-परम्परातगत ऊर्जा :- गैर परम्परात ऊर्जा वे ऊर्जा कहलायेंगे जिसे हम इंसानो ने बनाया है । जैसे कहे तो इसमें आएगा , बायोगैस , बॉयोमास  , पवन ऊर्जा , सौर ऊर्जा , जल ऊर्जा , सभी नवीन उर्जाये जो आजकल बन रही है हमारे वैज्ञानिको द्वारा । 

उर्जाओ की परिभाषा:-

  • बॉयोमास :- ( सुलभ ऊर्जा ) इसमें कचरे से बिजली उत्पादन होता है ।
  • बायोगैस :– उद्योगों से निकलने वाले गैस से बिजली उत्पादन करना ।
  • पवन ऊर्जा :- हवा से बिजली उत्पादन करना ।
  • सौर ऊर्जा :- सूर्य की ताप से बिजली उत्पादन करना ।
  • जल ऊर्जा :- पानी से बिजली उत्पादन करना ।

अपशिष्ट ऊर्जा 

क्रमांक  ऊर्जा  क्षमता 
1. भोरमदेव शक्कर कारखाना  6 mw
2. पंडरिआ शक्कर कारखाना  14 mw
3. बालोद शक्कर कारखाना  14 mw
4. बायो गैस शक्कर कारखाना  16 mw
5. सौर ( ताप ) ऊर्जा  3280 mw

बिजली उत्पादन क्षमता 

राज्य उत्पादन क्षमता :- 34547.7 mw

केंद्रीय उपक्रम क्षमता :- 9580 mw

निजी उपक्रम क्षमता :- 11421 mw

जल ऊर्जा 

कार्यरत  प्रस्तावित 
हसदेव बंघो बांध ( 150mw ) रहल जल ( 96mw )
गंगरेल जल ( 10mw ) मटनार जल ( 60mw )
सिकासार  ( 7mw ) कन्हार( 50mw )
कोरबा पश्चिम ( 1.7mw ) बोधघाट जल ( 500mw )
तातापानी ( 30mw ) बोधघाट जल ( 34mw ) वर्तमान में 

नोट :- प्रथम जल बिजली उत्पादन हसदेव बांगो से हुआ था ।

ताप ऊर्जा 

राज्य ऊर्जा  केंद्र ऊर्जा 
भैयाथान ( 1320mw )  NTPC  कोरबा ( 2600mw ) 
प्रेमनगर ( 1320mw )  NTPC  सीपत ( 2980mw ) 
कोरबा दक्षिण ( 1000mw )  NTPC  रायगढ़ ( 40000mw ) 
कोरबा पूर्व ( 940mw ) 
कोरबा पश्चिम ( 1340mw ) 
बुंदेली कोरिया ( 500mw ) 
मंडवा ताप विद्युत संयत्र ( 1000mw )

नोट :-

  • प्रथम ताप बिजली उत्पादन कोरबा पूर्व 1958 से हुआ था ।
  • छत्तीसगढ़ में ताप बिजली योगदान 1580mw है ।

CREDA ( Chhattisgarh Renewable Energy Development Agency )

स्थापना :- 25 मई  2001 ( रायपुर )

कार्य :- ऊर्जा को बढ़ावा देना 

मुख्य बिंदु 

  • 15 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ विधुत मंडल का स्थापना किया गया था ।
  • छत्तीसगढ़ देश का प्रथम सुण्या पावर कट राज्य है । ( 2008 से )
  • छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति बिजली खपत 1541 यूनिट प्रतिवर्ष है । ( 297kw )
  • छत्तीसगढ़ में बिजली लाइन की लम्बाई 278140Km है ।
  • छत्तीसगढ़ में नुक्लेअर चलित शक्ति 48mw है ।
  • छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा का योगदान 484mw है । ( छत्तीसगढ़ 11mw )
  • छत्तीसगढ़ में कुल बिजली उपभोक्ता 45.13 लाख है ( 96% )
  • शहरी बिजली उपभोक्ता 15.14 लाख है ।
  • ग्रामीण बिजली उपभोक्ता 29.95 लाख है ।
  • छत्तीसगढ़ में BPL बिजली उपभोक्ता 15,45,325 है ।
  • BPL  परिवार को 40 यूनिट मुफ्त दिया जा रहा है । ( अब सिर्फ 100 रुपया बिल )
  • तातापानी भू – तापीय ऊर्जा भारत का दूसरा केंद्र है । जबकि प्रथम वाला जम्मू कश्मीर में है ।
  • NTPC सीपत भारत का प्रथम सुपर  क्रिटिकल बिलेर तकनीक है ।
  • इसका नाम राजीव गाँधी ताप बिजली रखा गया है ।
  • प्रेमनगर छत्तीसगढ़ का प्रथम मेगा पावर प्लांट है ( देश में 5 वा )
  • छत्तीसगढ़ में कृषि पम्पो की संख्या – 376450
  • धान की भूसी से धमतरी में बिजली उत्पादन हो रहा है ।
  • बिजली की खपत सर्वाधिक दुर्ग जिले में है।
  • पावर ग्रिड कुम्हारी में स्थित है ।

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