73 वाँ संविधान संशोधन के प्रावधान | 73 Va Samvidhan Sansodhan ke Pravdhan

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 73 वाँ संविधान संशोधन के प्रावधान | 73 Va Samvidhan Sansodhan ke Pravdhan

पंचायतों को अधिकार संपन्न बना कर स्वशासन के इकाई के रूप में स्थापित करने के लिये 73 वाँ संविधान संशोधन लाया गया और इसे 24 अप्रैल 1993 से संपूर्ण देश में लागू किया गया। इस संशोधन से संविधान के भाग 9 में पंचायत संबंधी प्रावधान जोड़ा गया। इस संशोधन के पश्चात् पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ।

73 वें संविधान संशोधन से अनुच्छेद 243 एवं उप-अनुच्छेद 243 (A) से अनुच्छेद 243 (O) जोड़ा गया। इसमें मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं :

243 परिभाषा

  • इस अनुच्छेद में जिला, ग्राम सभा, मध्यवर्ती स्तर, पंचायत, पंचायत क्षेत्र, जनसंख्या एवं ग्राम को परिभाषित किया गया है।

243 – (A) ग्राम सभा

  • ग्राम सभा, ग्राम स्तर पर ऐसी शक्तियों का प्रयोग एवं कृत्यों का पालन करेगी जो राज्य विधान मण्डल विधि द्वारा उपबंधित करेगा।

243-(B) पंचायतों का गठन

  1.  प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्य स्तर और जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाएगा।
  2. खंड (1) में किसी बात के होते हुए भी, मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का उस राज्य में गठन नहीं किया जा सकेगा जिसकी जनसंख्या बीस लाख से अनधिक है।

243-(C) पंचायतों की संरचना

  1.  राज्य का विधान-मण्डल, विधि, द्वारा, पंचायतों की संरचना के संबंध में प्रावधान कर सकेगा।
  2. ग्राम स्तर और जनपद स्तर पर पंचायत के सभी स्थान पंचायत क्षेत्र के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्र से प्रत्यक्ष निर्वाचन के द्वारा चुने गए व्यक्तियों से भरे जाएंगे और इस प्रयोजन के लिए प्रत्येक पंचायत क्षेत्र प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा।
  3. जिला स्तर पर पंचायतों के स्थान ऐसी रीति से निर्वाचन द्वारा भरे जाएंगे जो राज्य विधान- मण्डल, विधि द्वारा उपबन्धित करें।
  4. राज्य का विधान- मण्डल, विधि द्वारा
    (क) ग्राम स्तर पर पंचायतों के सरपंचों का जनपद पंचायतों में या ऐसे राज्य की दशा में जहाँ जनपद पंचायतें नहीं है, जिला पंचायतों में,
    (ख) जनपद पंचायतों के अध्यक्षों का जिला पंचायतों में,
    (ग) लोक सभा के सदस्यों और राज्य स्तर की विधान सभा के सदस्यों के जो ऐसी निर्वाचन-क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिनमें ग्राम स्तर से भिन्न पर कोई पंचायत क्षेत्र पूर्णत: या भागतः समाविष्ट है ऐसी पंचायत में,
    (घ) राज्य सभा के सदस्यों और राज्य की विधान परिषद के सदस्यों के जहाँ वे –
    (1) जनपद पंचायत में प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रावधान कर सकेगा।
    (2) जिला स्तर पर किसी पंचायत क्षेत्रों के भीतर निर्वाचकों के रूप में पंजीकृत है, जिला पंचायत में
  5. किसी पंचायत के अध्यक्ष और पंचायत के ऐसे अन्य सदस्यों को पंचायतों के अधिवेशनों में मत देने का अधिकार होगा जो पंचायत क्षेत्रे के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्र से, चाहे प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा या अन्यथा चुने गए है।
  6. (क) ग्राम स्तर पर किसी पंचायत के अध्यक्ष का निर्वाचन ऐसी रीति से, जो राज्य के विधान-मण्डल द्वारा, विधि उपबंधित की जाए, किया जाएगा और
    (ख) जनपद या जिला स्तर पर किसी पंचायत या अध्यक्ष, उसके निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में चुना जाएगा।

243. (D) स्थानों का आरक्षण

  1. प्रत्येक पंचायत में –
    (क) अनुसूचित जातियों और
    (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे।
  2. अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के एक तिहाई से अन्यून स्थान, यथास्थिति, अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
  3. प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के एक-तिहाई से अन्यून स्थान (जिसके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन-क्षेत्रों के चक्रानुक्रम में आबंटित किए जा सकेंगे।
  4. ग्राम या किसी अन्य स्तर पर पंचायतों में अध्यक्षों का पद अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए ऐसी रीति से आरक्षित रहेगा जैसी राज्य का विधान मण्डल, विधि द्वारा उपबंधित करें:परन्तु किसी राज्य में प्रत्येक स्तर पर पंचायतों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित अध्यक्षों के पदों की संख्या से यथाशक्य वही होगा जो उस राज्य की अनुसूचित जातियों की अथवा राज्य की अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस राज्य की कुल जनसंख्या में है :परन्तु यह और कि प्रत्येक स्तर पर पंचायतों में अध्यक्षों के पदों की कुल संख्या के एक तिहाई से अन्यून पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
  5. खण्ड (1) व (2) के अधीन स्थानों का आरक्षण एवं खण्ड (4) के अधीन अध्यक्षों के पद के लिए आरक्षण (जो महिलाओं के लिए आरक्षण से भिन्न है) अनुच्छेद 334 में विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति पर प्रभावी नहीं रहेगा।
  6. इस भाग की कोई बात किसी राज्य के विधान-मण्डल को किसी स्तर पर पिछड़े वर्ग के नागरिकों के लिए किसी पंचायत के स्थानों या अध्यक्षों के पद के आरक्षण के लिए कोई उपबन्ध करने से निवारित नहीं करेगी।

243-(E) पंचायतों का कार्यकाल आदि

  1.  प्रत्येक पंचायत यदि तत्समय में प्रवृत्ति किसी विधि के अधीन उसे पहले ही विघटित नहीं कर दिया जाता है तो अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से 5 वर्ष की अवधि तक, न कि उससे अधिक बनी रहेगी।
  2.  तत्समय प्रवृत्त किसी विधि का कोई संशोधन किसी स्तर ऐसी पंचायत का, जो ऐसे संशोधन के ठीक पूर्व कार्य कर रही है तब तक विघटन नहीं करेगा, जब तक खण्ड (1) में विनिर्दिष्ट उसके कार्यकाल का अवसान नहीं हो जाता।
  3. किसी पंचायत का गठन करने के लिए निर्वाचन –
    (क) खण्ड (1) में निविर्दिष्ट उसके कार्यकाल के अवसान के पूर्व,
    (ख) उसके विघटन की तारीख से छः मास की अवधि के अवसान के पूर्व, पूरा किया जाएगा,
    परन्तु जहाँ वह शेष अवधि के लिए कोई विघटित पंचायत बनी रहती है, छह मास से कम है, वहाँ ऐसी अवधि के लिए उस पंचायत का गठन करने के लिए कोई निर्वाचन कराना आवश्यक नहीं होगा।
  4. पंचायत के कार्यकाल के अवसान से पूर्व किसी पंचायत के विघटन पर गठित की गई पंचायत उस अवधि क केवल शेष भाग के लिए बनी रहेगी।

243 – (F) सदस्यता के लिए निरर्हताएँ

  1. कोई व्यक्ति किसी पंचायत का सदस्य चुने जाने के लिए और सदस्य बनने के लिए निरर्हित होगा –
    (क) यदि वह संबंधित राज्य के विधान-मण्डल के निर्वाचनों के प्रयोजनों के लिए तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस प्रकार निरर्हित कर दिया जाता है: परन्तु कोई व्यक्ति इस आधार पर निरर्हित नहीं होगा कि उसकी आयु 25 वर्ष से कम है, यदि उसने 21 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है,
    (ख) यदि वह राज्य के विधान-मण्डल द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा निरर्हित कर दिया जाता है।
  2. यदि यह प्रश्न उठता है कि किसी पंचायत का कोई सदस्य खण्ड (1) से वर्णित किन्हीं निरर्हताओं से ग्रस्त हो गया या नहीं, तो वह प्रश्न ऐसी प्राधिकारी को, और ऐसी रीति से जैसा राज्य का विधान-मण्डल, विधि द्वारा उपबंधित करे, विनिश्चय के लिए निर्देशित किया जाएगा।

243 – ( G ) पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार, उत्तरदायित्व

इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए राज्य विधान-मण्डल विधि द्वारा, पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान कर सकेगा जो वह उन्हें स्वायत्त शासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक समझे और ऐसी विधि में पंचायतों को उपयुक्त स्तर पर ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जैसी उसमें विनिर्दिष्ट की जाए, निम्नलिखित के संबंध में शक्तियाँ और उत्तरदायित्व न्यायगत करने के लिए उपबंध किए जा सकेंगे-

(क) आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करना,
(ख) आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की स्कीमों को, जो उन्हें सौपी जाए, जिसके अंतर्गत वे स्कीमें भी है जो ग्यारहवी अनुसूची में सूचीबद्ध विषयों के संबंध में है, क्रियान्वित करना।

243-(H) पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्ति एवं पंचायत निधि

राज्य का विधान-मण्डल विधि द्वारा-
(क) ऐसी प्रक्रिया के अनुसार और ऐसी सीमाओं के अधीन रहते हुए, ऐसे कर, शुल्क, पथकर और फीसें उद्ग्रहीत, संग्रहित और विनियोजित करने के लिए किसी पंचायत को प्राधिकृत कर सकेगा,

(ख) ऐसे प्रयोजनों के लिए और ऐसी शर्तों तथा सीमाओं के अधीन रहते हुए राज्य सरकार द्वारा उद्गृहीत और संगृहीत ऐसे कर, शुल्क, पथकर और फीसें किसी पंचायत को समनुदेशित कर सकेगा।

(ग) पंचायतों के लिए राज्य की संचित निधि में से ऐसे सहायता अनुदान के लिए उपबंध कर सकेगा और देने

(घ) पंचायतों द्वारा या उनकी ओर से प्राप्त सभी धनों के जमा करने के लिए ऐसी निधियों का गठन तथा ऐसी निधियों में से धन का प्रत्याहरण करने के लिए। भी उपबंध कर सकेगा।

243-(I) वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन के लिए वित्त आयोग का गठन

(1) राज्य के राज्यपाल, प्रत्येक पाँचवें वर्ष के अवसान पर पंचायतों के वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए एक वित्त अयोग का गठन करेगा, जो
(क) (1) राज्य द्वारा उद्ग्रहणीय कर, शुल्क, पथकर, फीस के शुद्ध आगमों का राज्य और पंचायतों के बीच वितरण करने, (11) पंचायतों द्वारा लगाये एवं वसूल किये गये कर, शुल्क, पथकर और फीस का विनियोजन करने,
(III) राज्य के संचित निधि में से पंचायतों को सहायता अनुदान देने,
(ख) पंचायतों की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक उपाय,
(ग) कोई अन्य विषय, जो पंचायतों के वित्तपोषण के हित में हो, के संबंध में सिफारिशें प्रस्तुत करेगा। राज्यपाल आयोग के सिफारिशों को पूर्ण विवरण के साथ ज्ञापन, राज्य के विधान-मण्डल के समक्ष रखवाएंगे।

243 – (J) पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा

  • राज्य का विधान-मण्डल, पंचायतों द्वारा लेखा बनाए रखने और ऐसे लेखाओं की संपरीक्षा कराने संबंधी नियम बना सकेंगे।

243 – (K) पंचायतों के लिए निर्वाचन

(1) पंचायतों के लिए कराए जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार कराने का और उन सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करने के लिये एक राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया जायेगा जिसमें राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया गया एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होगा।

243-( 0 ) निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी –
(क) अनुच्छेद 243 (K) के अधीन बनाई गई विधि जो निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन या ऐसे निर्वाचन-क्षेत्रों के स्थानों के आवंटन से संबंधित है, विधि मान्यता को किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं की जाएगी,

(ख) किसी पंचायत के लिए कोई भी निर्वाचन, ऐसी निर्वाचन अर्जी पर ही प्रश्नगत किया जायेगा जो ऐसे अधिकारी को और ऐसी रीति से प्रस्तुत की गई है जिसका राज्य के विधान मण्डल द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन उपबंध है, अन्यथा नहीं।

पंचायती राज संबंधी अनुच्छेद

अनुच्छेद 243–>परिभाषाएँ

अनुच्छेद 243(A)–>ग्राम सभा

अनुच्छेद 243 (B)–>पंचायतों का गठन

अनुच्छेद 243 (C)–>पंचायतों की संरचना

अनुच्छेद 243 (D)–> स्थानों का आरक्षण

अनुच्छेद 243 (E) –>पंचायतों का कार्यकाल आदि

अनुच्छेद 243 (F) –>सदस्यता के लिए निरर्हताएँ

अनुच्छेद 243 (G)–>पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार, उत्तरदायित्व

अनुच्छेद 243 (H) –>पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्ति एवं पंचायत निधि

अनुच्छेद 243 (I)–> वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन हेतु वित्त आयोग का गठन

अनुच्छेद 243(J)–>पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा

अनुच्छेद 243(K)–> पंचायतों के लिए निर्वाचन

अनुच्छेद 243 (L)–>संघ राज्य क्षेत्रों में लागू होना

अनुच्छेद 243 (M)–> इस भाग का कतिपय क्षेत्रों में लागू न होना

अनुच्छेद 243 (N)–>विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना

अनुच्छेद 243(0)–>निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

संविधान की 11वी अनुसूची में शामिल विषय

  1. कृषि, कृषि विस्तार सम्मिलित करते हुये
  2. भूमि सुधार एवं भूमि संरक्षण
  3. लघु सिंचाई, जल प्रबंध और जल फैलाव विकास
  4. पशुपालन, दुग्ध उद्योग और कुक्कुट पालन
  5. मत्स्यपालन
  6. सामाजिक वानिकी और कृषि वानिकी
  7. लघु वनोपज
  8. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग सम्मिलित करते हुये लघु उद्योग
  9. खादी, ग्राम तथा कुटीर उद्योग
  10. ग्रामीण आवास
  11. पेयजल
  12. ईंधन तथा चारा
  13. सड़क, पुलिया, पुल, पार घाट (फैरिज) जल मार्ग तथा आवागमन के अन्य साधन
  14. विद्युत का वितरण सम्मिलित करते हुये ग्रामीण विद्युतीकरण
  15. अपारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत
  16. गरीबी उन्मूलन योजना
  17. प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों को सम्मिलित करते हुये शिक्षा
  18. तकनीकी प्रशिक्षण तथा व्यावसायिक शिक्षा
  19. प्रौढ़ तथा अनौपचारिक शिक्षा
  20. पुस्तकालय
  21. सांस्कृतिक क्रियाकलाप
  22. बाजार तथा मेले
  23. अस्पताल, प्राथमिकता चिकित्सा केन्द्र तथा औषधालयों को सम्मिलित करते हुये स्वास्थ्य, स्वच्छता
  24. परिवार कल्याण
  25. महिला एवं बाल विकास
  26. विकलांग और मानसिक रूप से बाधितों को सम्मिलित करते हुये समाज कल्याण
  27. कमजोर वर्गों का कल्याण विशेषत: अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों
  28. लोक वितरण पद्धति
  29. सामुदायिक आस्तियों का संधारण

ध्यान दे :

इस Cg Vyapam ADEO Notes के लिए आपको इस आर्टिकल के लिंक को सम्हाल के रखना होगा , और इस पेज पर बार बार आकर देखना होगा की जब भी इसमें नए chapter को डालेंगे । हर चैप्टर के आगे उस पथ चैप्टर का लिंक आपको मिल जायेगा । Cg Vyapam ADEO Notes | Cg vyapam ADEO Book pdf Download

आजीविका

1.अर्थव्यस्था में कृषि की भूमिकाक्लिक करे
2.हरित क्रांतिक्लिक करे
3.कृषि में यंत्रीकरणक्लिक करे
4.कृषि सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारियाक्लिक करे
5.कृषि सम्बंधित महत्वपूर्ण योजनाएक्लिक करे
6.राज्य के जैविक ब्रांडक्लिक करे
7.शवेत क्रांतिक्लिक करे
8.राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनक्लिक करे
9.दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहानक्लिक करे
10.दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौसल योजनाक्लिक करे
11.आजीविका एवं ग्रामोद्योगक्लिक करे
12.ग्रामोद्योग विकास के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रयत्नक्लिक करे
13.संस्थागत विकास- Cg Vyapam ADEO Notes | Cg vyapam ADEO Book pdf Downloadक्लिक करे
15.आजीविका हेतु परियोजना प्रबंध सहकारिता एवं बैंकक्लिक करे
16.राज्य में सहकारिताक्लिक करे
17.सहकारी विपरणक्लिक करे
18.भारत में बैंकिंगक्लिक करे
19.सहकारी बैंको की संरचनाक्लिक करे
20.बाजारक्लिक करे
21.पशु धन उत्पाद तथा प्रबंधक्लिक करे
22.छत्तीसगढ़ में पशु पालनक्लिक करे
23.पशु आहारक्लिक करे
24.पशुओ में रोग-Cg Vyapam ADEO Notes | Cg vyapam ADEO Book pdf Downloadक्लिक करे
25.मतस्य पालनक्लिक करे

 

ग्रामीण विकास की फ्लैगशिप योजनाओ की जानकारी

1.महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजनाक्लिक करे
2.महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की विशेषताएंक्लिक करे
3.सुराजी गांव योजनाक्लिक करे
4.स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजनाक्लिक करे
5.इंदिरा आवास योजना-Cg Vyapam ADEO Notes | Cg vyapam ADEO Book pdf Downloadक्लिक करे
6.प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)क्लिक करे
7.प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाक्लिक करे
8.मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजनाक्लिक करे
9.मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजनाक्लिक करे
10.श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशनक्लिक करे
11.अटल खेतिहर मजदूर बीमा योजनाक्लिक करे
12.आम  आदमी बिमा योजनाक्लिक करे
12.स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण)क्लिक करे
13.सांसद आदर्श ग्राम योजनाक्लिक करे
14.विधायक आदर्श ग्राम योजनाक्लिक करे
17.पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग की योजनाएक्लिक करे
19.निशक्त जनो के लिए योजनाएक्लिक करे
20..सामाजिक अंकेक्षण-Cg Vyapam ADEO Notes | Cg vyapam ADEO Book pdf Downloadक्लिक करे
21.ग्रामीण विकास योजनाए एवं बैंकक्लिक करे
22.सूचना का अधिकार अधिनियम 2005क्लिक करे
21.जलग्रहण प्रबंधन : उद्देश्य एवं योजनाएक्लिक करे
22.छत्तीसगढ़ में जलग्रहण प्रबंधनक्लिक करे
23.नीरांचल राष्ट्रीय वाटरशेड परियोजनाक्लिक करे

 

पंचायतरी राज व्यवस्था 

1.पंचायती राज व्यवस्थाक्लिक करे
2.73 वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1992 : सार-संक्षेपक्लिक करे
 3.73 वाँ संविधान संशोधन के प्रावधानक्लिक करे
4.छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियमक्लिक करे
5.छत्तीसगढ़ में पंचायती राज व्यवस्था से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
6.ग्राम सभा से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
6.अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों के लिए विशिष्ट उपबंध  से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
7.पंचायत की स्थापना से सम्बंधित प्रश्न -Cg Vyapam ADEO Notes | Cg vyapam ADEO Book pdf Downloadक्लिक करे
8.पंचायतों के कामकाज -संचालन तथा सम्मिलन की प्रक्रिया से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
10.ग्राम पंचायत के कार्य से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
11.पंचायतों की स्थापना, बजट तथा लेखा से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
12.कराधान और दावों की वसूली से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
13.पंचायतो पर निर्वाचन का संचालन नियंत्रण एवं उपविधियाँ से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
16.शास्तियाँ-Cg Vyapam ADEO Notes | Cg vyapam ADEO Book pdf Downloadक्लिक करे
17.14 वा वित्त आयोग से सम्बंधित प्रश्नक्लिक करे
18.15 वाँ वित्त आयोग क्या थाक्लिक करे

 

छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान  

1.छत्तीसगढ़ नामकरणक्लिक करे
2.छत्तीसगढ़ के 36 गढ़क्लिक करे
3.छत्तीसगढ़ राज्य का गठनक्लिक करे
4.छत्तीसगढ़ की भगौलिक स्थिति , क्षेत्र एवं विस्तारक्लिक करे
5.छत्तीसगढ़ का विधायिकाक्लिक करे
6.छत्तीसगढ़  में अब तक के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रीक्लिक करे
7.छत्तीसगढ़ की न्यायपालिकाक्लिक करे
8.छत्तीसगढ़ के राज्य के प्रतिकक्लिक करे
9.छत्तीसगढ़ के जिलों की सूचिक्लिक करे
10.छत्तीसगढ़ का भूगोलक्लिक करे
11.छत्तीसगढ़ की मिट्टियाक्लिक करे
12.छत्तीसगढ़ की जलवायुक्लिक करे
13.छत्तीसगढ़ का अपवाह तंत्रक्लिक करे
14.छत्तीसगढ़ की परियोजनाएंक्लिक करे
15.छत्तीसगढ़ के जलप्रपातक्लिक करे
16.छत्तीसगढ़ में कृषि सम्बंधित जानकारियाक्लिक करे
17.छत्तीसगढ़ में खनिजक्लिक करे
18.छत्तीसगढ़ में ऊर्जा संसाधनक्लिक करे
19.छत्तीसगढ़ के उद्योगक्लिक करे
20.छत्तीसगढ़ के औधोगिक विकास पार्कक्लिक करे
21.छत्तीसगढ़ के परिवहनक्लिक करे
22.छत्तीसगढ़ की जनगणनाक्लिक करे
23.छत्तीसगढ़ की जनजातियाँक्लिक करे
24.छत्तीसगढ़ के किले महल एवं पर्यटन स्थलक्लिक करे
25.छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहारक्लिक करे
26.छत्तीसगढ़ के प्रमुख मेले एवं तिथिक्लिक करे
27.छत्तीसगढ़ के लोक महोत्सवक्लिक करे
28.छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यंजनक्लिक करे
29.छत्तीसगढ़ का लोक नृत्यक्लिक करे 
30.छत्तीसगढ़ का लोक नाट्यक्लिक करे 
31.छत्तीसगढ़ का लोकगीतक्लिक करे
32.छत्तीसगढ़ के लोक खेलक्लिक करे
33.छत्तीसगढ़ का चित्रकलाक्लीक करे 
31.छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पक्लिक करे
32.छत्तीसगढ़ के आभूषणक्लिक करे
33.छत्तीसगढ़ के प्रमुख चित्रकार एवं शिल्पकारक्लिक करे
34.छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहासक्लिक करे
35.छत्तीसगढ़ का मध्यकालीन इतिहासक्लिक करे
36.छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहासक्लिक करे
39.छत्तीसगढ़ के आदिवासी विद्रोहक्लिक करे
40.छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलनक्लिक करे
41.छत्तीसगढ़ के असहयोग आंदोलनक्लिक करे
42.छत्तीसगढ़ में  सविनय अवज्ञा आंदोलनक्लिक करे
43.छत्तीसगढ़ में शिक्षाक्लिक करे
44.छत्तीसगढ़ में प्रथमक्लिक करे
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Rajveer Singh
Rajveer Singh

Hello my subscribers my name is Rajveer Singh and I am 30year old and yes I am a student, and I have completed the Bachlore in arts, as well as Masters in arts and yes I am a currently a Internet blogger and a techminded boy and preparing for PSC in chhattisgarh ,India. I am the man who want to spread the knowledge of whole chhattisgarh to all the Chhattisgarh people.

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