छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के नाम | Chhattisgarh ke 33 jilo ke nam

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छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के नाम | Chhattisgarh ke 33 jilo ke nam

क्रमांक जिले का नाम मुख्यालय निर्माण वर्ष मातृ जिला 
1रायपुररायपुर1861ब्रिटिश अधीन क्षेत्र
2बिलासपुरबिलासपुर1861
3दुर्गदुर्ग1906रायपुर
4रायगढ़रायगढ़1948
5बस्तरजगदलपुर1948
6सरगुजाअंबिकापुर1948पूर्व रियासत
7राजनादंगोंराजनांदगाव1973दुर्ग
8उत्तर बस्तर कांकेरकांकेर1998बस्तर
9दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ादंतेवाड़ा1998बस्तर
10कोरियाबैकुंठपुर1998सरगुजा
11जशपुरजशपुरनगर1998रायगढ़
12कोरबाकोरबा1998बिलासपुर
13जांजगीर-चापाजांजगीर1998बिलासपुर
14धमतरीधमतरी1998रायपुर
15महासमुंदमहासमुंद1998रायपुर
16कबीरधामकवर्धा1998राजनांदगाव  , बिलासपुर
17नारायणपुरनारायणपुर2007बस्तर
18बीजापुरबीजापुर2007दंतेवाड़ा
19बालोदबालोद2012दुर्ग दंतेवाड़ा
20गरियाबंदगरियाबंद2012रायपुर
21मुंगेलीमुंगेली2012बिलासपुर
22बेमेतराबेमेतरा2012दुर्ग
23सुकमासुकमा2012दंतेवाड़ा
24बलरामपुर-रामनुजगंदजबलरामपुर2012सरगुजा
25बलौदाबाजार-भाटापाराबलौदाबाजार2012रायपुर
26सूरजपुरसूरजपुर2012सरगुजा
27कोंडागांवकोंडागांव2012बस्तर
28गोरेला- पेंड्रा- मरवाही2020बिलासपुर
29सकती2021जांजगीर चापा
30सारंगढ़-बिलाईगढ़2021रायगढ़ बलौदाबाजार भाटपार
31मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी2021राजनांदगाव
32मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर2021कोरिया
33खैरागढ़-छुईखदान-गंदे2022राजनांदगाव

परीक्षाओं में पूछे गए महत्वपूर्ण तथ्य: शासन, प्रशासन, प्रशासनिक इकाइयाँ

  • राज्य में प्रथम राज्यपाल श्री दिनेश नंदन सहाय पुलिस महानिदेशक श्री मोहन शुक्ल, मुख्य सचिव श्री अरूण कुमार, मुख्या न्यायाधीश- W.L शशांक
  • राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति है तथा अध्यादेश जारी करने की आवश्यकता को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
  • राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। राज्य को सभी कार्यपालिका शक्तियां राज्यपाल में निहित होती है। राज्यपाल की क्षमा प्रदान करने की शक्ति न्यायिक पुनरीक्षा का विषय नहीं है।
  • राज्य के प्रशासन संचालन का कार्य राज्यपाल के नाम से किया जाता है। राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रधान होता है।
  • बेहतर प्रशासन तथा सलाह के लिए राज्य शासन ने एन. आई. टी. रायपुर के साथ एम. ओ. यू पर हस्ताक्षर किया है।
  • राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त को नियुक्ति करने वाली समिति का कन्वीनर (संयोजक) मुख्यमंत्री होता है।
  • छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक संभागों की कुल संख्या पांच है, ये है सरगुजा बिलासपुर रायपुर दुर्ग तथा बस्तर।
  • राष्ट्रीय मातृत्व लाभ योजना महिला एवं बाल विकास विभाग, राजीव गांधी शिक्षा मिशन- शालेय शिक्षा विभाग, आरक्षण नीति तैयार करना सामाना प्रशासन विभाग, जिले में महिला नागरिक सहकारी बैंकों की स्थापना सहकारिता विभाग
  • लोक सुराज अभियान का मुख्य उद्देश्य जन समस्याओं का शीघ्रातिशीघ्र निराकरण करना होता है।
  • सामान्य प्रशासन विभाग के कार्य नीति संबंधी कार्य, सतर्कता बरतना, प्रशासनिक अधिकारियों की पदस्थापना तथा शासकीय सेवाओं से संबंधित नियमों का निर्माण करना।
  • राज्य में स्थानान्तरण मंत्री द्वारा जारी किया जाता है तथा यह स्थानान्तरण आदेश को निरस्त भी कर सकता है।
  • वाणिज्य उद्योग विभाग मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, समाज कल्याण विभाग तृतीय लिंग कल्याण कार्यक्रम,
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग-प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), शालेय शिक्षा विभाग- मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम राज्यपाल राज्य के कार्यकारी अध्यक्ष व संवैधानिक प्रमुख होते हैं। राज्य की समस्त कार्यपालिका शक्तियां राज्यपाल में निहित होती है।
  • राज्यपाल मंत्रिमंडल द्वारा दिए गए किसी परामर्श पर पुनर्विचार के लिए नहीं कह सकता।
  • राज्य शासन की नीतियों को क्रियान्वित करने का मुख्य उत्तरदायित्व निदेशालय का होता है। मंत्रालय तथा सचिवालय नीति निर्माण संबंधित कार्य करते हैं और कलेक्टर जिला स्तर पर राज्य शासन का प्रतिनिधि होता है।
  • 15 अगस्त 2013 को संभाग बने दुर्ग के अंतर्गत दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, कबीरधाम एवं राजनांदगांव जिले आते है।
  • राजस्व मंडल का मुख्यालय बिलासपुर में स्थित है।
  • बस्तर के मसगांव में प्रदेश की एकमात्र खुली जेल थी।
  • छत्तीसगढ़ का बीजापुर जिला पहले दंतेवाड़ा जिला का हिस्सा था।
  • संभाग तथा जिलों को संख्या रायपुर सरगुजा, दुर्ग-5, बस्तर- 7 जिले है। बिलासपुर- 61
  • 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के समय मध्य प्रदेश के 3 संभागों के कुल 16 जिले शामिल थे।
  • 1973 में दुर्ग जिले के बंटवारे से राजनांदगांव जिला अस्तित्व में आया था वर्ष 2012 में दुर्ग से बालोद तथा बेमेतरा जिला बना
  • 1973 से पूर्व छत्तीसगढ़ क्षेत्र में कुल 6 जिले थे। यह जिले है रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, बस्तर सरगुजा
  • कांकेर जिला वर्ष 1998 में अस्तित्व में आया, इसका मातृ जिला बस्तर है। कांकेर जिले को उत्तर बस्तर के नाम से भी जाना जाता है।
  • जुलाई 1998 में तत्कालीन राजनांदगांव तथा बिलासपुर जिले के कुछ हिस्सों को मिलाकर कवधा जिले का निर्माण किया गया था।
  • सुकमा छत्तीसगढ़ का सबसे दक्षिणी जिला है। इस जिले का निर्माण 2012 में दंतेवाड़ा जिले को काटकर किया गया था।
  • दुर्ग जिले का गठन वर्ष 1906 में हुआ था।
  • मई 1998 में सिंहदेव समिति की सिफारिश पर 9 नए जिले निर्मित हुए, रायपुर जिले से धमतरी तथा महासमुंद जिले बने।
  • 1 मई 2007 को बस्तर से अलग करके नारायणपुर एवं दंतेवाड़ा से अलग करके बीजापुर जिले का निर्माण किया गया।
  • अप्रैल 2022 की स्थिति में दुर्ग जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा है।

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