गोरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ | Gorela Pendra Marwahi Jila Chhattisgarh

गोरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ | Gorela Pendra Marwahi Jila Chhattisgarh

नवगठित गौरेलापेन्ड्रा-मरवाही जिला 10 फरवरी को अस्तित्व में आ गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विधिवत जिले का शुभारंभ किया गया। नवगठित गौरेलापेन्ड्रा-मरवाही जिला के अस्तित्व में आने के साथ ही प्रदेश में जिलों की संख्या 28 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की घोषणा
की थी. घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राजपत्र में नई जिले की अधिसूचना 20 सितबर को प्रकाशित कर दी गई है।

नये जिले का नाम गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही रखा गया है। इसके साथ ही बिलासपुर संभाग में अब 6 जिले हो गये हैं और बिलासपुर से तीन तहसील अलग हो गये हैं। इसकी सीमाएं भी निर्धारित कर दी गई हैं।

उत्तर में कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ तहसील, दक्षिण में बिलासपुर जिले की कोटा तहसील, पूर्व में कोरबा जिले की कटघोरा तहसील तथा पश्चिम में मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के सोहागपुर और तथा पुष्पराजगढ़ तहसील में इसकी सीमा समाप्त होगी।

पुरानी मांग पूरी हुई- भौगोलिक स्थिति के कारण करीब चार दशक से इसे अलग जिला बनाने की मांग होती रही है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश विधानसभा में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला की पहल पर पेन्ड्रारोड को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था

और इसके बाद तीन जुलाई 1998 को राजपत्र में जिला बनाने की अधिसूचना प्रकाशित भी की जा चुकी थी। जिले के नामकरण पेन्ड्रा-गौरेला-मरवाही (जिला के नाम से जाना जायेगा। इन खुबियों ने बनाई अलग पहचान- गौरतलब है कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही क्षेत्र पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखता है, .

छत्तीसगढ़ का प्रथम समाचार पत्र छत्तीसगढ़ मित्र’ का प्रकाशन मासिक पत्रिका के रूप में पेन्ड्रा से वर्ष 1900 में पंडित माधवराव सप्रे के संपादन में प्रकाशित हुआ था. यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरापूरा है. खनिज संपदा और औषधीय पौधे यहां की पहचान है.

यहां के विष्णुभोग चावल की महक पूरे देश में फैली है. गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला दूरस्थ वनांचल में स्थित है. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पूर्णता अधिसूचित क्षेत्र में है. आदिवासी बहुल एवं विशेष पिछड़ी जनजाति तथा बैगा जनजाति के हितों के संवर्धन एवं विकास में मदद मिलेगी.


जिला: गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही- एक नजर

• नवीन जिले गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में सा मलित |-तहसील-03 1. पेन्ड्रारोड 2. मरवाही 3. पेन्ड्रा
• जिले का क्षेत्रफल- 1,67,637.10 हेक्टेयर
   1. तहसील पेन्ड्रारोड -62,531.253 हेक्टेयर
   2. तहसील पेन्ड्रा – 34,920.835 हेक्टेयर
   3. तहसील मरवाही- 70,185.00 हेक्टेयर

• जिले में कुल गांवों की सं या- 225
   1. तहसील पेन्ड्रारोड में 87
   2. तहसील पेन्ड्रा में 52
   3. तहसील मरवाही में 86

•जिले में कुल ग्राम पंचायतों की संया- 162
1.तहसील पेन्ड्रारोड में 592.
2.तहसील पेन्ड्रा में 39
3. तहसील मरवाही में 64

•जिले की कुल जनसं या-4 लाख 14 हजार 327
1. तहसील पेन्ड्रारोड-1,01,255
2.तहसील पेन्ड्रा-1,18,445
3. तहसील मरवाही-1,94,627

• जिले में पटवारी हल्को की सं या-86
1. तहसील पेन्ड्रारोड-31
2.तहसील पेन्ड्रा-21
3. तहसील मरवाही-34

•नगरीय निकायों की सं या-02 (जनसं या-32,285)
1. नगर पंचायत गौरेला (जनसं या-18,165)
2.नगर पंचायत पेन्ड्रा (जनसं या-14,120)

जिले में कुल सिंचित रकबा 6290 हेक्टेयर और कुल असिंचित रकबा 64 हजार 352 हेक्टेयर है. इस नए जिले में मरवाही विधानसभा के 200 गांव और कोटा विधानसभा के 25 गांव, कोरबा लोकसभा क्षेत्र के 200 गांव और बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के 25 गाओ में मिलती है।

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