छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यक्तित्व | Chhattisgarh ke Pramukh Vyaktitva

छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यक्तित्व | Chhattisgarh ke Pramukh Vyaktitva

Table of Contents

साहित्यकार

माधवराव सप्रे :-

  • छ.ग. में पत्रकारिता के जनक
  • दासबोध का मराठी से हिन्दी में अनुवाद किया।

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी :-

  • जन्म > 27 मई, 1894
  • स्थान > राजनांदगाँव।
  • पिता >पुन्नालाल बख्शी।
  • माता >मनोरमा देवी।
  • पत्नी > लक्ष्मी देवी ।
  • गुरू >पं. देवीदत्त शुक्ल ।
  • 1916 में B.A. पास कर बनारस से लौटे।
  • 1920 में सरस्वती पत्रिका के संपादक बनकर इलाहाबाद गए।
  • इलाहाबाद में सरस्वती पत्रिका का संपादक महावीर प्रसाद द्विवेदी थे।
  • 1929 में खैरागढ़ चले गए और वहाँ से 1952 से 1956 तक सरस्वती पत्रिका का प्रकाशन किया करते थे।
  • 1960 में सागर विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट् की मानद उपाधि से सम्मानित।
  • मृत्यु पर्यंत तक दिग्विजय कॉलेज का प्राध्यापक पद पर कार्यरत थे।

लोचन प्रसाद पाण्डे :-

  • जन्म > बालपुर (जांजगीर चांपा)
  • पिता >श्री चिंतामणि पाण्डे ।
  • माता >देवहुति पाण्डे ।

नोट : छ.ग. के प्रथम नाटककार थे।

गजानन माधव मुक्तिबोध :-

  • जन्म > 13 नवंबर, 1917
  • स्थान > श्योपुर, जिला ग्वालियर।
  • पिता > श्री माधव राव मुक्तिबोध ।
  • माता > पार्वती ।
  • पत्नी > शांता ।
  • मृत्यु > 11 सितम्बर, 1964 (दिल्ली)
  • राजनांदगाँव के दिग्विजय कॉलेज में अध्यापक थे।
  • इसे छ.ग. की नीलकण्ठ कहते हैं।

मुकुटधर पाण्डे :-

  • जन्म > बालपुर (जांजगीर चांपा)
  • पिता > श्री चिंतामणि पाण्डे
  • माता > देवहुति पाण्डे
  • छ.ग. में छायावाद के प्रवर्तक / (छायावाद = प्रकृति पर लेखन )
  • मेघदुतम् का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद किया।
  • छ.ग. में पद्मश्री पाने वाला प्रथम व्यक्ति

बंशीधर पाण्डे :-

  • जन्म > बालपुर (जांजगीर चांपा )
  • पिता >श्री चिंतामणि पाण्डे
  • माता > देवहुति पाण्डे
  • छ.ग. के प्रथम कहानीकार थे।
  • छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रथम उपन्यासकार (विवाद)

नोट :- लोचन प्रसाद पाण्डे, मुकुटधर पाण्डे व बंशीधर पाण्डे तीनों सगे भाई थे।

केयूर भूषण :- (कवर्धा)

  • 1980 के दशक में रायपुर लोकसभा से सांसद थे।
  • 1942 में नागपुर के जेल में 9 माह थे।

निरूपमा शर्मा :- (कवर्धा)

  • बचपन का नाम >सोनाबाई, सोपना बाई।
  • छ.ग. की प्रथम कवयित्री ।

हीरालाल काव्योपाध्याय :- (धमतरी )

  • छत्तीसगढ़ी भाषा में व्याकरण लिखा था।
  • इसे छ.ग. के पाणिनी कहते है।
  • इनका 34 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो गया।

सुन्दरलाल शर्मा :-

  • जन्म > 21 दिसंबर 1881
  • स्थान > चमसूर (गरियाबंद)
  • पिता > श्री जियालाल तिवारी।
  • माता > देववती ।
  • मृत्यु > 28 दिसंबर 1940
  • गाँधी जी से प्रेरणा लेकर शर्मा जी छ.ग. में राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत बने।
  • इन्हें छ.ग. का गाँधी कहते है।
  • छ.ग. के स्वप्नदृष्टा थे।
  • कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रथम छत्तीसगढ़िया थे।
  • समाचार पत्र > जेल पत्रिका (श्री कृष्ण पत्रिका, कुल 18 पेज हैं)
  • मासिक पत्रिका > दुलरवा (छ.ग. भाषा में )

बाबु रेवाराम :-

  • रतनपुर रियासत के दरबारी कवि थे।
  • छ.ग. के प्रथम इतिहासकार थे।
  • 1896 में छ.ग. शब्द का “विक्रम विलास” में प्रयोग किया।

दलराम राव :-

  • खैरागढ़ के राजा लक्ष्मीनिधि के दरबारी कवि थे।
  • छ.ग. शब्द का साहित्य में प्रथम बार प्रयोग किया।

गोपाल मिश्र :-

  • रतनपुर के राजा राजसिंह के दरबारी कवि थे।
  • छत्तीसगढ़ी भाषा का साहित्य में प्रथम बार प्रयोग किया।
  • इसे छ.ग. का वाल्मिकी कहते है।

हरि ठाकुर :-

  • ठाकुर प्यारेलाल सिंह के बेटे थे।
  • रायपुर के स्वतंत्रता सेनानी थे।

क्रांति त्रिवेदी :-

  • पं. रविशंकर शुक्ल की पुत्री थी।

विनय कुमार पाठक :-

  • विक्रमशिला विश्व विद्यालय भागलपुर द्वारा डी.लिट् की उपाधि मिली ।

डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र :-

  • जन्म > 12 सितंबर, 1898
  • स्थान > राजनांदगाँव ।
  • पिता > श्री नारायण प्रसाद
  • माता > जानकी देवी।
  • मृत्यु > 5 सितंबर, 1975
  • खुज्जी विधानसभा के प्रथम विधायक थे।
  • विश्व के प्रथम व्यक्ति जिन्होंने रामायण में P.H.D. किया।
  • नागपुर वि.वि. से डी.लिटू की उपाधि मिला।

राजनितिक नेता 

पंडित रविशंकर शुक्ल :-

  • जन्म 02 अगस्त 1877
  • स्थान > सागर ( मध्य प्रदेश )
  • पिता > श्री जगनाथ प्रसाद
  • माता > तुलसी
  • पत्नी > भवानी देवी
  • पुत्र > श्यामचरण शुक्ल , विद्याचरण शुक्ल
  • छत्तीसगढ़ के एकमात्र नेता जो छत्तीसगढ़ विभाजन के विरोधी थे ।
  • छत्तीसगढ़ में औधोगिक क्रानित के जन्मदाता ।
  • इनके प्रयास से 1956 में BSP का स्थापन हुआ ।
  • मध्यप्रांत के प्रथम मुख्यमंत्री थे ।

त्यागमूर्ति अर्जुन ठाकुर प्यारेलाल सिंह :-

  • जन्म > 21 दिसंबर , 1891
  • स्थान > सेमरा दैहान ( राजनांदगाव )
  • पिता > श्री दीनदयाल सिंह
  • माता > नर्मदा  देवी
  • मृत्यु > 20 अक्टूबर , 1945
  • छत्तीसगढ़ में पत्ता मत लो आंदोलन के जन्मदाता है ।
  • छत्तीसगढ़ में भूदान आंदोलन के जन्मदाता ।
  • रायपुर नगरपालिका के अध्यक्ष थे ।
  • मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे ।
  • छत्तीसगढ़ में सहकारिता को जन-जन तक पहुंचाया

वामनराव लाखे ( रायपुर ):-

  • छत्तीसगढ़ में सहकारिता के जन्मदाता
  • 1920 में जनता के लोकप्रिय नेता की उपाधि लिया

ई. राघवेन्द्र राव :- (बिलासपुर)

  • 1936 में मध्यप्रांत के प्रथम गवर्नर बने ।
  • 1941 वायराय की कार्यकारिणी परिषद् में शामिल होने वाले एकमात्र छ.ग. के सदस्य थे।
  • रामलीला के माध्यम से जनजागरण करते थे।

बैरिस्टर छेदीलाल गुप्ता :- (अकलतरा)

  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लंदन से वकालत की पढ़ाई की।
  • संविधान निमात्री सभा में छ.ग. का प्रतिनिधित्व किया।
  • इनकी रचना हॉलैण्ड का इतिहास थे।
  • खादी पहनना व वंदेमातरम् गाना बिलासपुर में अनिवार्य किया था।

यतियतन लाल :- (महासमुंद)

  • गांधी जी के अहिंसा के समर्थक थे।
  • महासमुंद में विवेकवर्धन आश्रम के संस्थापक थे।

डॉ. खूबचंद बघेल :- (भिलाई)

  • जन्म> 19 जुलाई, 1900
  • स्थान > पथरी ग्राम (रायपुर)
  • पिता > जुड़ावन प्रसाद
  • माता > केतकी बाई
  • मृत्यु > 12 फरवरी, 1969
  • 1962 से 1965 तक रायपुर के विधायक थे।
  • छ.ग. से राज्यसभा में निर्वाचित प्रथम सांसद थे।
  • 1951 में कांग्रेस से मतभेद की वजह से जे पी कृपलानी की किसान मजदूर पार्टी में शामिल हो गये थे।
  • इनके नाम से कृषि के क्षेत्र में पुरस्कार दिया जाता है।

घनश्याम सिंह गुप्त :- (दुर्ग)

  • छ.ग. के विधानपुरूष कहते है।
  • छ.ग. में हरिजन सेवा संघ के संस्थापक थे।
  • मध्यप्रांत के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष थे।
  • रचना 1. “ अफजल खॉ की तलवार”  2. “शिवाजी का बखनख”

राजमोहनी देवी :- (सरगुजा)

  • छ.ग. की स्वतंत्रता सेनानी थी।
  • महिला संत की उपाधि मिली है।

डॉ. शंकर तिवारी :- (बिलासपुर)

  • 1951 में कुटुम्बसर गुफा की खोज किया।

ठाकुर रामप्रसाद पोटाई :- (कांकेर)

  • इनके पुत्र है सोहन पोटाई।
  • संविधान सभा के सदस्य।

राजा रामानुज प्रताप सिंह देव :- (कोरिया)

  • 1931 लंदन गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था।
  • छ.ग. में पंचायती राज की व्यवस्था किया।
  • क्रिकेट के खेल में निपूर्ण थे।

मुंशी अब्दुल रऊफ :- (रायपुर)

  • सभी आंदोलन में भाग लिया।
  • छ.ग. के पाँचो पांडव में से एक (नकुल)

बिन्नीबाई :- (रायपुर)

  • यह रायपुर में सब्जी बचेती थी।
  • मेकाहारा हॉस्पीटल के लिए 1 लाख रू. दाने मे दी थी।
  • इसे रायपुर की माता कहते है।

अजीत प्रमोद कुमार जोगी :- (मारवाही)

  • छ.ग. के प्रथम मुख्यमंत्री थे।
  • यह पूर्व में IA.S. अफसर थे।
  • रचना – 1. “फुलकुंवर”  2. “सदी के मोड़ पर ”  3. “द रोल ऑफ डिस्ट्रीक्ट कलेक्टर”


सामाजिक आंदोलन

गुरू घासीदास :- (बचपन का नाम गंगाराम)

  • जन्म> 18 दिसम्बर, 1756
  • स्थान > गिरौदपुरी (बलौदाबाजार)
  • पिता > महंगूदास ।
  • माता > अमरौतिन बाई ।
  • पत्नी > सुफरा बाई।
  • पुत्र > 1.अमरदास , 2. बालकदास।
  • गुरु का नाम > जगजीवन राम
  • ज्ञान प्राप्ति > सोनाखान में आँवरा-धावड़ा वृक्ष के नीचे।
  • संस्थापक > सतनाम पंत के संस्थापक > सामाजिक क्रांति के अग्रदूत
  • मृत्यु > भण्डारंपुरी में 1836 (सतनाम गुरू की समाथि)

मिनीमाता :- (1913-1972)

  • जन्म > असम ।
  • वास्तविक नाम > मीनाक्षी देवी।
  • उपनाम >मिनीमाता।
  • माता > मति बाई ।
  • पिता > महंत बुधारी दास।
  • पति > अगमदास ।
  • मृत्यु > 1972 में विमान दुर्घटना से।
  • रायपुर से छ.ग. की प्रथम महिला सांसद बनी।
  • छ.ग. में महिला उत्थान के लिए काम की।

महर्षि महेश योगी :-

  • महर्षि विद्या मंदिर के संस्थापक थे।
  • जन्म > पाण्डुका ग्राम, (रायपुर)
  • मृत्यु > 5 फरवरी, 2008
  • योग व आध्यात्म के विश्व गुरू थे।

महाप्रभु वल्लभाचार्य :-

  • जन्म > 1479
  • स्थान > चम्पारण्य (गरियाबंद)
  • पिता >लक्ष्मण भट्ट
  • माता > इल्लागासा।
  • शुध्दद्वैतवाद के अनुयायी थे।
  • छ.ग. में पुष्टिमार्ग व अष्टछाप के जन्मदाता थे।
  • “रुद्रसंप्रदाय” की स्थापना किया था।
  • रचना – “सुबोधनी”

स्वामी आत्मानंद :-

  • महात्मा गांधी जी बाल सखा थे।

स्वामी अग्निवेश :-

  • इनका जन्म बिलासपुर जिले में हुआ है।


शिक्षाविद्

नन्दकिशोर तिवारी :- ( भिलाई)

  • लगभग 30 वर्षों से छ.ग. साहित्य पर समीक्षा ग्रंथ ।

डॉ. चितरंजन कर :- (सरायपाली, महासमुंद )

  • भाषा विज्ञान में अनेक शोध प्रकाशित ।
  • दूरदर्शन एवं आकाशवाणी में वार्ताएँ एवं साक्षात्कार प्रसारि

हास्य कवि

सुरेन्द्र दुबे :- (दुर्ग)

  • छ.ग. के सबसे प्रिय कवि ।
  • 2009 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित ।

रामेश्वर वैष्णव :- (खरसियाँ, रायगढ़)

  • दुरदर्शन आदि मे कविता का प्रकाशन ।

लतीफ घोंघी :- (महासमुंद )

  • छ.ग. के व्यंग्यकार है।

लोक कलाकार

दाऊ रामचंद् देशमुख :- (बघेरा, दुर्ग)

  • जन्म – 1938
  • 1951 में “देहाती” कलामंच का स्थापना किया।
  • 1971 में “चंदैनी गोंदा” नाचापार्टी के संस्थापक।
  • बख्शी जी के “कारी” पर मंचन किया।

महासिंग चंद्राकार :- (आम्दी, दुर्ग)

  • जन्म > 1917 पुत्री ममता चंद्राकार।
  • रचना > 1. सोनहा बिहान , 2. लोरिक चंदा ।
  • छ.ग. में लोककला के पुजारी कहते है।

दुलार सिंह मंदराजी :- (रवेली दुर्ग)

  • जन्म – 1910
  • इन्हें नाचा के भीष्म पितामह कहते है।
  • रवेली नाचा पार्टी के संस्थापक थे।

झाडुराम देवांगन :- (राजनांदगाँव)

  • पण्डवानी लोकगीत के संस्थापक थे।
  • इन्हें पण्डवानी के गुरू कहते है।
  • इंदिरा गाँधी के समक्ष प्रस्तुति दे चुके है।

तीजन बाई :- (पाटन, दुर्ग)

  • गुरु घासीदास विश्व विद्यालय से डी.लिटू प्राप्त है।
  • छ.ग. की अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पण्डवानी गायिका है।

स्व. सुरूज बाई खांडे :-

  • SECL में कार्यरत थी।
  • छ.ग. में भरथरी गायिका।

बरसाती भैय्या :- (राजनांदगाँव)

  • इनका वास्तविक नाम केसरी प्रसाद वाजपेयी था।
  • आकाशवाणी उद्घोषक थे।
  • कथन – “अब जाये के बेरा हो गे जम्मो चौपाल सुनइया भाई बहिनी मन ला बरसाती भैया के राम राम “

फीदा बाई मरकाम :- (राका, राजनांदगाँव)

  • जन्म – 1944
  • यह मध्यप्रदेश के तुलसी सम्मान से सम्मानित है।
  • हबीब तनवीर व दुलारसिंह मंदराजी के साथ मंचन कर चुकी है।
  • टी.वी. सीरियल में काम कर चुकी है।

रितु वर्मा :- (रूवाबांधा, भिलाई)

  • अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पण्डवानी गायिका है।

स्व. देवदास बंजारे :- (साकरा, धमतरी)

  • जन्म > 1947
  • यह राष्ट्रीय स्तर के पंथी नर्तक थे।

मंजुला दास गुप्ता :-

  • इन्हें छ.ग. की लता कहते है।

राजा चक्रधर सिंह :- (रायगढ़)

  • जन्म > 1904 (गणेश चतुर्थी के दिन)
  • पिता भूपदेव सिंह
  • रचना > 1. ‘राग रत्न मंजूषा’ 2. ‘जोशे फरहद’ (उर्दू ग्रंथ) 3. ‘निगारे फरहद’ (उर्दू ग्रंथ) 4. तालतोयनिधि (संगीत का सबसे बड़ा व वजनी ग्रंथ 32 kg.) 5. नर्तन सर्वस्व
  • विशेष > 1. तबला वादक  2. कत्थक नर्तक
  • नोट > लखनऊ से संगीत सम्राट की उपाधि प्राप्त ।

स्व. लक्ष्मण मस्तुरिया :- (बिलासपुर)

  • “मोर संग चलव रे” के गीतकार थे।
  • रचना – 1. माटी कहे कुम्हार से 2. गंवई गंगा

बद्री विसाल परमानंद :- (मंदिर हसौद)

  • “का ते मोला मोहनी डार दिये गोंदाफूल” के गीतकार है।

मुरली चंद्राकार :- (अर्जुन्दा, दुर्ग)

  • “जिनगी के नइहे ठिकाना” व “पैरी बेरी ला” के गीतकार है।

कविता वासनिक :- (राजनांदगाँव)

  • छ.ग. की प्रसिद्ध गायिका।

फिल्मी हस्तियाँ

स्व. हबीब तनवीर :- (रायपुर)

  •  रायपुर के रंगकर्मी ।
  • पद्मभूषण से अलंकृत।
  • थियेटर > हिन्दुस्तान थियेटर (हिन्दी भाषा में )
  • 1959 > नया थियेटर (छत्तीसगढ़ी भाषा में)
  • मृत्यु >8 जून, 2009
  • रचना > 1. चरण दास चोर।  2. आगरा का बाजार।  3. माटी की गाड़ी।

नोट :- छ.ग. से राज्यसभा में मनोनीत हो चुके है।

सुलक्षणा पंडित :- (रायगढ़)

  • हिन्दी फिल्म की नायिका है।

नत्थुदादा रामटेके :- (रामपुर, राजनांदगाँव)

  • कई हिन्दी फिल्मों में काम किया।

अनुज शर्मा :- (रायपुर)

  • छ.ग. के प्रसिद्ध फिल्मी नायक।
  • पदम श्री से सम्मानित।

डॉ. शंकर शेष :- (बिलासपुर)

  • रचना:-
  • 1. भुइयाँ (छ.ग. में)
  • 2. घरोंदा (छ.ग. में)
  • 3. दुनियाँ (हिन्दी फ़िल्म)
  • 4. घरौंदा (हिन्दी फिल्म )

सतीश जैन :- (रायपुर)

  • छ.ग. के प्रसिद्ध निर्देशक ।
  • फिल्म- 1 मोर छइयाँ भुइयाँ 2. झन भुलोव माँ-बाप ला

प्रेम साइमन :-

  • छ.ग. के प्रसिद्ध निर्देशक व निर्माता।
  • फिल्म 1. मया देदे मया लेले। 2. परदेशी के मया।

संगीतकार

  1. बुद्धादित्य मुखर्जी (भिलाई) > सितार वादक
  2. विमलेन्दु मुखर्जी (भिलाई) > सितार वादक
  3. ठा. लक्ष्मण सिंह शेखावत (रायगढ़) > सितार  व् संतूर
  4. भैरो प्रसाद श्रीवास्तव (रायपुर) >
  5. वत्सला पामकर > ठुमरी गायन
  6. महेन्द्र प्रसाद सिंह (बिलासपुर) > तबला वादक
  7. अजगर प्रसाद (दुर्ग) > आख्तरंग वादक
  8. अरूण कुमार सेन > ख्याल गायन
  9. विष्णु जोशी (रायपुर) > ख्याल गायन
  10. श्रीधर (बिलासपुर) > ख्याल गायन

नोट :- बुद्धादित्य मुखर्जी सबसे पहले “हाऊस ऑफ कॉमन्स” लंदन में कार्यक्रम दिया था।

बिरजू महाराज (कत्थक नर्तक) का जन्म छ.ग. में हुआ है।

इन्हे भी एक-एक बार पढ़ ले ताकि पुरानी चीजे आपको Revise हो जाये :-

👉छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यक्तित्व

👉छत्तीसगढ़ की जनगणना 2011

👉केंद्र संरक्षित स्मारक छत्तीसगढ़

👉छत्तीसगढ़ के स्थलों के उपनाम

👉छत्तीसगढ़ संभाग एवं जिलो का गठन

Leave a Reply