छत्तीसगढ़ी गजल मुकुंद कौशल | Chhattisgarhi Gajal by Mukund kaushal

छत्तीसगढ़ी गजल मुकुंद कौशल | Chhattisgarhi Gajal by Mukund kaushal (1) छै बित्ता के मनखे देखौ, का का जिनिस बिसा लेथे । आगी पानी पवन अकासा, भुंइया तको नँगा लेथे ।। (2) चारो डहर सवाल उगे हे , मुड़ उचाये करगा कस । यैला लू के सफल किसनहा, हर जुबान …

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