एक किसिम के नियाव | Ek Kisim ke Niyav by Vinay Kumar Pathak

एक किसिम के नियाव | Ek Kisim ke Niyav by Vinay Kumar Pathak  (1) चैतू गौटिया यह सबो दूध ला अमरा देते घर-भर के सबो दाना दाना बार तरसते अउ उपास म घर के दूध घलो नई पा सके  (2) बैसाखू सेठ इहाँ जाके जांगर पेर के महल अटारी बनाथे …

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