[2023] सक्ती जिला सामान्य ज्ञान | Sakti Jila Samanya gyan | Sakti Jila General Knowledge GK

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सक्ती जिला सामान्य ज्ञान | Sakti Jila Samanya gyan | Sakti Jila General Knowledge GK

धार्मिक और आध्यात्मिक शक्ति के केन्द्र के रूप में स्थापित सक्की जिला अब प्रशासनिक शक्ति के केन्द्र के रूप में उभरने जा रहा है। 15 अगस्त 2021 सक्ती को एक नये जिले के रूप में घोषणा 9 सितम्बर को 33 वें जिला के रूप में मूर्त रूप ली है।

सती जिले के गठन के लिए प्रकाशित की गई अधिसूचना में जांजगीर-चांपा के उपखंड सक्ती, डभरा एवं मालखरौदा तथा तहसील सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर, बाराद्वार, डभरा तथा अड़भार को शामिल करते हुए नवीन जिला “सती” का सृजन किया गया है। ( सक्ती जिला सामान्य ज्ञान | Sakti Jila Samanya gyan | Sakti Jila General Knowledge GK ) 

यह छत्तीसगढ़ का 33वां जिला होगा। सक्ती के लिए 153 करोड़ रुपए का काम वहीं मुख्यमंत्री ने सक्ती के शासकीय क्रान्ति कुमार भारतीय महाविद्यालय परिसर में 153 करोड़ 6 लाख रुपए। के 309 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। इसमें 85 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत के 296 कार्यों का भूमि पूजन जबकि 67 करोड़ 85 लाख 99 हजार रुपए की लागत के 13 कार्यों का लोकार्पण किया गया।

  • कुल क्षेत्रफल -एक लाख 51 हजार 976 वर्ग किलोमीटर है।
  • जनसंख्या – 2011 जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 6 लाख 47 हजार254 है।
  • सीमाएं-नवगठित सक्ती जिले के उत्तर में करतला, तहसील (जिला कोरबा), दक्षिण में सारंगढ़ (जिला-रायगढ़), पूर्व में खरसिया (जिला रायगढ़) और पश्चिम में सारागांव, बम्हनीडीह तहसील | जांजगीर चांपा) होंगी।
  • उपखंड (सब डिवीजन) 02 सक्ती और उभरा (नवीन जिला सक्ती में मालखरौदा और जैजैपुर प्रस्तावित उपखंड सम्मिलित है)
  • तहसीलें-05 क्रमशः सक्ती, डभरा, जैजैपुर मालखरोदा और नया बाराद्वार (प्रस्तावित तहसील अभार)
  • उप तहसील-चंद्रपुर, हसौद , भोठिया 
  • विकासखंड जनपद पंचायत -4 क्रमश: सकती , जैजेपुर , मालखरौदा , डभरा 
  • राजस्व निरीक्षक मंडल -18
  • पटवारी हल्का– 153
  • ग्राम-465 आबाद ग्राम 463 विरान ग्राम 02
  • राजस्व निरीक्षक मंडल18 इनमें जाजंग, सक्ती, पोरथा, नया बाराद्वार, नगरदा, सकर्रा, अड़भार, छपोरा, मालखरौदा, ठठारी, जैजैपुर, बेलादुला, हसौद, देवर घटा, धुरकोट, डभरा, सपोस और चंद्रपुर शामिल हैं।
  • राजस्व प्रकरणों की संख्या- 4,833, कुल मकबूजा रकबा – 1,23,094 और गैर मकबूजा रकबा – 28,882 है।
  • कुल राजस्व क्षेत्रफल – 1,51,976 वर्ग किलोमीटर है।
  • कुल खातेदार – 2, 24, 256 है।
  • कुल पटवारी हल्कों की संख्या – 153 हैं
  • ग्राम पंचायतें-319
  • नगरीय निकाय-6
  • कोटवार – 513
  • पटेल – 365

सक्ति जिले के नामकरण के संबंध में किवदंती है कि यह क्षेत्र सम्बलपुर राजघराने के अधीन था। किवदंती के अनुसार यहां के गोंड राजाओं ने दशहरे के दिन लकड़ी के तलवार से भैंसों का वध कर शक्ति का प्रदर्शन किया। यहां की भूमि शक्ति से ओतप्रोत है और बाद में इसे ‘सक्ती’ के रूप में कहा जाने लगा है। इस प्रदर्शन से सम्बलपुर के राजा द्वारा प्रसन्न होकर इसे एक स्वतंत्र रियासत का दर्जा दिया गया । ( सक्ती जिला सामान्य ज्ञान | Sakti Jila Samanya gyan | Sakti Jila General Knowledge GK ) 

सक्ती रियासत सक्ती रियासत छत्तीसगढ़ के प्रमुख गढ़ में से एक है । मध्यप्रदेश के जमाने में यह सबसे छोटी रियासत थी। यहां महानदी, सोन और बोरई प्रमुख नदियां है। इस जिले की जलवायु खेती-किसानी के लिए उपयुक्त है। यहां लगभग 94 (प्रतिशत भूमि सिंचित है। जो राज्य के अन्य जिलों से काफी अधिक है। यहां मुख्य रूप से धान की फसल ली जाती है इसके अलावा यहां गेहूं, चना, अरहर, मूंग आदि की फसल भी होती है।

मिनी माता बांगो बांध से निकाली गई शहर से पूरे क्षेत्र में सिंचाई होती है। सक्तीऔर आसपास का क्षेत्र द्विफसलीय क्षेत्र बन गया है। पूरे अंचल में भरपूर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के कारण यहां के किसान उद्यानिकी फसलों के साथ-साथ मसालों की खेती की की ओर भी तेजी से अग्रसर हो रहे है। ( सक्ती जिला सामान्य ज्ञान | Sakti Jila Samanya gyan | Sakti Jila General Knowledge GK ) 

सक्ती जिला खनिज संसाधन से भी परिपूर्ण है। यहां डोलोमाइट भरपूर भंडार है। इसमें देश के ‘डोलामाइट ‘हब’ के रूप में उभरने की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां उत्पादित डोलोमाइट खनिज का उपयोग भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर स्टील प्लांट के साथ साथ देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित स्टील प्लांटों में किया जाता है।

हाल में ही छत्तीसगढ़ डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा 460 हेक्टेयर जमीन डोलोमाइट खदान के लिए स्वीकृति मांगी गई है। वर्तमान में यहां 16 खदानों का संचालन किया जा रहा है तथा 15 खदानें खनन अनुमति के लिए प्रक्रियाधीन है। यहां सूक्ष्म मात्रा में लाइम स्टोन और नदियों के किनारे रेत का भी उत्खनन होता है।

पर्यटन स्थल अड़भार – यहां कलकत्ता की काली माता की तरह दक्षिणमुखी अष्टभुजी देवी आदमकद प्रतिमा का सौंदर्य विलक्षण है। इस नगर के चारों और विशाल दरवाजों के वजह इसका प्राचीन नाम अष्टद्वार था, जो बाद में अपभ्रंश के कारण अड़भार हो गया। ( सक्ती जिला सामान्य ज्ञान | Sakti Jila Samanya gyan | Sakti Jila General Knowledge GK ) 

चंद्रहासिनी देवी का मंदिर भी विशिष्ट है। इसके अलावा रेनखोल और दमउदरहा जैसे मनोरम पर्यटन स्थल है। सक्ती रेलवे स्टेशन से लगभग 14 मील दूर गुंजी नामक गांव है, जहां प्रथम शताब्दी का शिलालेख पाली भाषा में लिखा मिलता है, महाभारत काल में इस स्थान का लेख ऋषभ तीर्थ के रूप में मिलता है।

जिला मुख्यालय सकी बम्बई-हावड़ा मुख्य रेल लाइन पर स्थित है। यह व्यापार और वाणिज्य का केन्द्र भी है। यहां कृषि और खनिज आधारित अनेक उद्योगों की भरपूर संभावना है। यहां दो पावर प्लांट, राइस मिल कृषि उपकरण के उद्योग सहित कोमा वस्त्रों की बुनाई का काम भी किया ।

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