Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi | Feminist Criticism in Wilderness in hindi

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Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi | Feminist criticism in wilderness in Hindi

यह एक निबंध है जिसे 1981 में लिखा गया था , यहाँ लेखिका Literary  criticism  को देख रही है , औरतो के point  of  view  से ।

Elaine  कहती है की feminist  critics  को भी female  writers  की तरह problem  face  करनी होती है , पहले male-female में equality  नहीं थी , तो वे अपने openness  के साथ नहीं कुछ भी नहीं लिख सकती थी , इसी प्रकार same  problem  feminist  critics  के साथ भी है ।

लेखिका के अनुसार feminist  criticism  wilderness  की और गुजर रहा है । इसका reason  वह देती है , की feminist  criticism  ये अभी तक complete , entire  independent  model  इसलिए नहीं बन पाया है , क्योकि जो Theoretical  framework  होता है , feminist  criticism  के लिए available  नहीं है , क्योकि अभी तक जितना भी criticism  लिखा गया है वह अभी तक  male  mortals  के ऊपर ही लिखा गया है । ( Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi )

Theoritical  framework  available  नहीं है इसका reason  लेखिका देती है की , आदमी द्वारा लिखा गया  वर्क , एक औरत को read  करना पड़ता है ( इसे कहा जाता है Feminist criticism of women as a reader) और वही पर जब औरत द्वारा लिखा गया work  औरत द्वारा Interpret  किया जाये , उसका text  study  किया जाये , फिर उसका Criticism  किया जाये , औरत के द्वारा इसे कहा जाता है ( Feminist criticism of a women as a writer ) इसे Gyno  Criticism  भी कहा जाता है । ( Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi )

Gyno  Criticism  में women  के द्वारा लिखा गया literature  होता है , उसकी history  , style  , theme  , genres  , structure  of  writing  होता है , उसे study  किया जाता है , Gyno  Criticism  के 4 different  models  होते है , जिन्हे 4 तरीको से जज किया जाता है :-

  1. Biological
  2. Linguistic
  3. Psychoanalytic
  4. cultural

Biological

पहले बहुत सारी theories  आयी जो anthropologist  थे उन्होंने कहा जो में होता है उसके Brain  के frontal  lobe  होता है , वो औरत के Brain  के frontal  lobe  से बड़ा होता है ,( frontal  lobe  का काम होता है mind  में creativity  को पैदा करना ) इससे यह prove  हो जाता है की men  का creativity  level  औरतो से ज्यादा होता है । लेकिन Elain  showalter  कहती है की ऐसा नहीं है , औरत ही एक बच्चे को जन्म देती है और इस दुनिया में एक creativity  लती है , ( Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi )

Linguistic

जब से यह society  बानी है , men ने women  को opress  किया है , इसी प्रकार literature  में उनका ही दबदबा रहा है , और उन्होंने अपनी एक language  create  कर ली है , औरतो को भी चाहिए की वो खुद की एक language  create  करे , जिसे feminist  language  कहा जाये  , क्योकि में की जो language  है वह एक forum  writing  की तरह है , जिसमे औरते comfortable  नहीं है । ( Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi )

Psyhco  Analytic

पहले से जो study  हुए है उसमे माना गया है की male  की creative  capacity  , औरतो  से ज्यादा होती है , इस वजह से औरते inferior  है , as  compared to male  । लेकिन ऐसे कुछ critics  है जो new  principal  of  feminism  psycho  analysis  को develop  करने की कोशिश कर रहे है , जो की differentiate  कर पायेगा gender  identity  को । ( Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi )

Cultural  mode  of  Differentiation

ऊपर के जो 3 factor  हमने पढ़ा वो cultural  से affected  होते है , जो औरतो का experience  है वो कभी भी जो men  ने literature  लिखा उसमे include  नहीं किए गया , उन्हें culture  का part  समझा ही नहीं गया , उन्हें subculture  का part  समझा गया , सभी females  को एक mutant  group  के रूप में देखा गया , male  के group  को dominant  group  के रूप  में देखा  गया । ( Feminist Criticism in Wilderness by Elaine Showalter in Hindi )

इन्ही सब वजहों से feminist  Criticism  wilderness  में है और develop  नहीं हो पाया ,

last  में conclude  करते हुए Elain  slater  कहती है , की चाहे हम कितना भी कोशिश कर ले कोई ऐसी country  या situation  कभी नहीं हो पायेगी , जिसमे आदमी और जो औरत है उसके बीच का different  है वो ख़त्म हो जायेगा ।

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Rajveer Singh
Rajveer Singh

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