सड़क हादसे में एंबुलेंस सवार की मौत:दंतेवाड़ा में पेड़ से टकराई, ड्राइवर की हालत गंभीर; जिला अस्पताल में मरीज को छोड़ लौट रहे थे

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। हादसा इतना जबरदस्त था कि एंबुलेंस के पूरे परखच्चे उड़ गए हैं। जिससे एंबुलेंस में सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एंबुलेंस का चालक भी घायल है। जिसे पैर समते शरीर के कुछ अंगों में चोटें आई हैं। हादसा गुरुवार-शुक्रवार की देर रात हुआ है। बताया जा रहा है कि जो युवक एंबुलेंस चला रहा था वो अस्पताल का प्यून है। जो प्रोफेशनल पायलट नहीं है। मामला गीदम थाना क्षेत्र का है।

मृतक मुकेश राम।
मृतक मुकेश राम।

जानकारी के मुताबिक, गीदम अस्पताल में एक पेशेंट की तबियत अचानक बिगड़ी। जिसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया था। लेकिन, अस्पताल में कोई प्रोफेशनल एंबुलेंस चालक नहीं है इस वजह से अस्पताल के प्यून को एंबुलेंस चलाने का जिम्मा दिया गया है। वहीं प्यून धर्मेश सेठिया ने अपने एक साथी मुकेश राम को भी साथ चलने को कहा। जिला अस्पताल में पेशेंट को छोड़कर जब वे लौट रहे थे तो इस बीच गीदम-दंतेवाड़ा मुख्यमार्ग में पोटाकेबिन कारली के पास एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई।

एम्बुलेंस के पूरे परखच्चे उड़ गए हैं।
एम्बुलेंस के पूरे परखच्चे उड़ गए हैं।

जिससे एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। एम्बूलेंस में बैठे मुकेश राम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं धर्मेश को भी काफी चोटें आईं हैं। बताया जा रहा है कि, हादसे के बाद उस मार्ग से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना फैरान दूसरी एंबुलेंस को और गीदम के ही युवकों को दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों को गीदम अस्पताल लाया। वहीं मृतक शिर्डी साईं फाउंडेशन के सदस्य था।

धर्मेश सेठिया।
धर्मेश सेठिया।

प्यून और गार्ड चला रहे एम्बुलेंस
गीदम अस्पताल में एम्बुलेंस चालक की हमेशा से कमी बनी हुई है। जिले का यह सबसे प्रमुख अस्पताल हैं। बीजापुर, जगदलपुर और दंतेवाड़ा इन तीन जिलों का यह प्रमुख केंद्र है। अस्पताल में एंबुलेंस चालक की कमी को देखते हुए गीदम के मातृ एवं शिशु अस्पताल के एक गार्ड और दूसरे प्यून इन दोनों कर्मचारियों की एंबुलेंस चलाने के लिए डे एवं नाइट ड्यूटी लगाई गई है। यह दोनों प्रोफेशनल एंबुलेंस चालक नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की यह एक बड़ी लापरवाही है।

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