छत्तीसगढ़ में कोरोना :छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन की एंट्री; बिलासपुर में मिला मरीज, UAE से लौटा था

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छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन की एंट्री हुई है। बिलासपुर में UAE से लौटे 52 साल के कोरोना संक्रमित मरीज में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए भुवनेश्वर भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट आने के बाद शाम को स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि कर दी है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना की तीसरी लहर के बीच स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा शुरू करने की मांग की है। अभी सैंपल भुवनेश्वर भेजे जाते हैं। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोविड की तीसरी लहर के लिए भारत सरकार से प्रोटोकॉल जारी करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए परीक्षा कराने और सेंटरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों पर किसी तरह की रोक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से डरने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। इस बीच सीएम ने फैसला लिया है कि सुपोषण अभियान के तहत अनवरत गरम भोजन प्रदान किया जाएगा।

राजनांदगांव में 24 घंटे के दौरान 14 डॉक्टरों सहित 42 नए संक्रमित मिले हैं। दो दिन में ही एक्टिव केस की संख्या 73 तक पहुंच गई है। एक दिन पहले ही पेंड्री मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से इंटर्नशिप कर रहे दो डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसलिए इनके संपर्क में आए डॉक्टरों के सैंपल लिए गए। मंगलवार को एंटीजन सैंपलिंग में जेआर और इंटर्नशिप वाले कुल 14 डॉक्टर संक्रमित पाए गए।

नवा रायपुर BSF के 6, बोदली कैंप CAF के 14 जवान पॉजिटिव

कोरोना की तीसरी लहर ने छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल के शिविरों में तगड़ी सेंध लगाई है। मंगलवार को नवा रायपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) 17वीं बटालियन के 6 जवानों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं बीजापुर के बोदली कैंप में रह रहे छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के 14 जवान भी कोरोना संक्रमण की वजह से बीमार हो गए हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब दूसरे राज्यों से आने वालों के लिए निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है।

सोमवार को कांकेर जिले के कन्हारगांव कैंप में रह रहे सशस्त्र सीमा बल (SSB) के पांच जवानों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वहीं सुकमा जिले के तिमेलवाड़ा कैंप में कोबरा 202 यूनिट के 38 जवान पॉजिटिव पाए गए थे। बताया जा रहा है, पॉजिटिव पाए गए अधिकतर जवान छुट्‌टी से वापस लौटे थे। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जवानों को उनके कैंप में ही आइसोलेट किया गया है। उनके संपर्क में आए जवानों की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि रायपुर से लेकर बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में यह कोरोना विस्फोट सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

अमेरिकी दवा मोलुनुपीरावीर टैबलेट को मंजूरी

कोरोना के इलाज के प्रिस्क्रिप्शन में इस बार अमेरिकी दवा मोलुनुपीरावीर टैबलेट शामिल की जा रही है। इस टैबलेट को ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने आपात स्थिति को देखते हुए मंजूरी दे दी है। दिसंबर में लांच हुई इस दवा के 10 हजार से ज्यादा डोज प्रदेश के दवा कारोबारियों को सप्लाई हुए हैं। एक मरीज के लिए 40 टैबलेट की डोज तय है। कंपनियों के हिसाब से इस पूरे डोज का रेट दो से ढाई हजार रुपए होगा। भारत में एक साथ 15 कंपनियां प्रोडक्शन कर रही हैं, इसलिए स्टॉक कम नहीं होगा। अभी भी सामान्य लक्षण वाले मरीजों को पैरासिटामॉल और कफ सिरप से ही इलाज किया जाएगा।

24 घंटे में छत्तीसगढ़ के 1059 पॉजिटिव

मंगलवार को छत्तीसगढ़ में 35 हजार 705 नमूनों की जांच हुई। इस बीच 1059 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सबसे ज्यादा 343 केस रायपुर जिले में ही सामने आए हैं। बिलासपुर में 159, रायगढ़ में 141, दुर्ग में 89 मरीज मिले हैं। कोरिया जिले में 60 लोग पॉजिटिव आए हैं। इनमें से दो स्कूलों के 55 बच्चे और 3 शिक्षक भी हैं।

इस महीने पहली बार तीन मरीजों की मौत

मंगलवार को छत्तीसगढ़ में कोरोना के 3 मरीजों की मौत हो गई। इनमें से 2 मौतें तो बिलासपुर में ही हुई है। एक मौत रायगढ़ में हुई है। इसमें दो मौतों की एकमात्र वजह कोरोना संक्रमण ही था। मरने वालों में से केवल एक मरीज को कोरोना के अलावा दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं। इन तीन मौतों को मिलाकर प्रदेश भर में अब तक 13 हजार 604 लोगों की जान इस महामारी की वजह से जा चुकी है।

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