हड़़ताल के पहले सीमेंट थी प्रति बोरा रू 280 अब बिक रही रू 300 पार

Rate this post

हड़़ताल के पहले सीमेंट थी प्रति बोरा रू 280 अब बिक रही रू 300 पार

मुनाफाखोरी: हड़ताल खत्म, फिर भी सीमेंट के बढ़े भाव जस के तस

रायपुर: उम्मीद जताई जा रही थी कि सीमेंट ट्रंासपोर्टरो की महीने भर चली हड़ताल खत्म होने के बाद कंपनियो से कीमतें में राहत मिलेगी, लेकिन हो रहा ठीक इसका उल्टा, क्योकि कीमते पहले की स्थिति में आने के बाजाय  40 से 50 रू ज्यादा हो गई हैं।

सीमेंट ट्रांसर्परो की हड़ताल खत्म होने के बाद भी बाजार में कींमते कम नहीं हो पाई है इसका भार गा्रहको पर ही पड़ रहा हैं।

बाजार में सीमेंट की कीमते अभी भी 280 से लेरि 310 रू पर बनी हुई है, जबकि हड़ताल सुरू होने के पहले कींमते 240 रू से 280 रू के बीच कायम थी ।

 इस मामले में राजधनी के अलग -अलग ट्रेडर्स का कहना है कि हड़ताल के बहाने सीमेट कंपनियो ने कीेमते 250 से बढ़कर 350 रू तक पहुंचा दिया था । ट्रांसपोर्टरो के लिए प्रति बोरी सीमेंट में 5 रू इजाफा करने के बाद ग्राहको के लिऐ बोझ अभी भी 300 रू के पार पार बना हुआ।

ट्रडर्स का कहना है कि हड़ताल खत्म होने के बाद सीमेंट की कीमते पूर्व स्थिति के मुताबिक कम 255 से 260 रू रहना था।महंगाई के लिए सीमेंट कंपनियां पूरी तरह जिम्मेदार है ।

हड़ताल के पहले 100रू कीमतें बढ़ाकर राहत के नाम पर ग्राहको के साथ धोखा किया जा रहा है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कंपनियां अभी भी कर्टेल बनाकर मुनाफा वसूली कर रही है।

छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्टरो की हड़ताल अक्टूबर महीने में खत्म हुई। प्रिवहन मंत्री मो. अकबर के नेतृत्व में कंपनियो और ट्रांसपोर्टरो के बीच समझौता के बाद ट्रांसपोटिंग भाड़े कें इजाफे के बाद आने वाली लागत में जमीन -असमान का फर्क है।

भाड़ा 20 रू से बढ़कर 25 रू बोरी हुआ लेकिन सीमेंट की कामतों में 40 से 50 रू बोरी का इजाफा कर दिया गया।

Leave a Comment