सत्यभामा आदिल का जीवन परिचय | Satyabhama Adil ka Jivan Parichay

सत्यभामा आदिल का जीवन परिचय | Satyabhama Adil ka Jivan Parichay सत्यभामा आडिल का जन्म दुर्ग जिले के ग्राम पुन्दर में 1 जनवरी, सन् 1944 को हुआ था। आपने 1965 में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से एम. ए. हिन्दी की उपाधि धारण की। सन् 1972 में आपने पी-एच. डी. …

आगे पढ़े सत्यभामा आदिल का जीवन परिचय | Satyabhama Adil ka Jivan Parichay

सोनपान – लखनलाल गुप्त | Sonpan Chhattisgarhi Nibandh By Lakhanlal Gupt

सोनपान – लखनलाल गुप्त | Sonpan Chhattisgarhi Nibandh By Lakhanlal Gupt (1) छत्तीसगढ़ में संझौती बेरा दशहरा के दिन नवा पोसाक पहिन के लड़का सियान जमो चिन गाजा बाजा के सगे जरन तिरन रावन के पुतला जलाय बर पहुँच जायय। सबके साहू म पुतला जलाय जायय जेखर पहिले सोनपान के …

आगे पढ़े सोनपान – लखनलाल गुप्त | Sonpan Chhattisgarhi Nibandh By Lakhanlal Gupt

संत धर्मदास के पद | Sant Dharmdas ke Pad Sant Dharmdas ke Rachnaye

संत धर्मदास के पद | Sant Dharmdas ke Pad Sant Dharmdas ke Rachnaye (1) गुरु पइयां लागवं नाम लखा दीजो हो।। टेक।। जनम-जनम का सोया मनुवा, सब्दन मार जगा दीजो हो। घट अंधियार नैन नहिं सूझे, ज्ञान का दीप जगा दीजो हो। विष की लहर उठत घट अंतर, अमृत बूँद …

आगे पढ़े संत धर्मदास के पद | Sant Dharmdas ke Pad Sant Dharmdas ke Rachnaye

छत्तीसगढ़ी गजल मुकुंद कौशल | Chhattisgarhi Gajal by Mukund kaushal

छत्तीसगढ़ी गजल मुकुंद कौशल | Chhattisgarhi Gajal by Mukund kaushal (1) छै बित्ता के मनखे देखौ, का का जिनिस बिसा लेथे । आगी पानी पवन अकासा, भुंइया तको नँगा लेथे ।। (2) चारो डहर सवाल उगे हे , मुड़ उचाये करगा कस । यैला लू के सफल किसनहा, हर जुबान …

आगे पढ़े छत्तीसगढ़ी गजल मुकुंद कौशल | Chhattisgarhi Gajal by Mukund kaushal

एक किसिम के नियाव | Ek Kisim ke Niyav by Vinay Kumar Pathak

एक किसिम के नियाव | Ek Kisim ke Niyav by Vinay Kumar Pathak  (1) चैतू गौटिया यह सबो दूध ला अमरा देते घर-भर के सबो दाना दाना बार तरसते अउ उपास म घर के दूध घलो नई पा सके  (2) बैसाखू सेठ इहाँ जाके जांगर पेर के महल अटारी बनाथे …

आगे पढ़े एक किसिम के नियाव | Ek Kisim ke Niyav by Vinay Kumar Pathak

तँय उठथस सुरूज उथे | Tay uththas Surooj Uthe by Vinay Kumar Pathak

तँय उठथस सुरूज उथे | Tay uththas Surooj Uthe by Vinay Kumar Pathak 1 तय उठथस सूरुज उथे, सुसताथस होथे साम रे । रात घलो हो जाये, जब लेथस बने अराम रे ।। जउन पानी ल तँय छूथस, वो गंगाजल हो जाये रे । जउन लकड़ी ल तँय  धरथस, तुतारी-हल …

आगे पढ़े तँय उठथस सुरूज उथे | Tay uththas Surooj Uthe by Vinay Kumar Pathak

सीख सीख के गोठ | Seekh Seekh Ke Goth by Satyabhama Adil

सीख सीख के गोठ | Seekh Seekh Ke Goth by Satyabhama Adil 1.सियान मन के सीख के गोठ मा , – हमला का करना चाही , का नई करना चाही , सगुन-असगुन बात के संकेत मिलथे । बेटा ह  खाय बार बइठथे अउ महतारी ह कहु परस्थे , त दू …

आगे पढ़े सीख सीख के गोठ | Seekh Seekh Ke Goth by Satyabhama Adil