An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi

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An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for poetry summary in hindi

एक dramatist  थे जिसका नाम था “Stephen Gossan” इन्होने अपना एक work  लिखा था “The School of  abuse” इसमें इन्होने English  drama  , और  poetry  को target  किया था , इन्होने कहा था की हमारी society  इसलिए ऐसे है क्योकि यहाँ के drama  और poetry  इस प्रकार के है ।

इसी चीज को sir  philip  sidney  ने defend  किया था और अपना एक work  लिखा था “An apology  for  poetry” यह english  literature  का बहुत ही famous  work  है , poetry  को defend  करने के लिए sidney  ने काफी सारे arguments  दिए है । ( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

आने वाले generations  के writer  P.B Shelly  ने भी इनसे बहुत inspire  हुए और फिर बहुत से work  लिखे poetry  के defence  में ।

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सिडनी लिखते है की :-

इसमें सर sidney  , poetry  के art  को सबसे अच्छा साबित करना चाहते है , क्योकि शुरुवाती elizabatine  time  में poetry  की value  down  हो गयी थी , और modern  poetry  की value  भी down  हो रही थी ।

तो poetry  के इन critics  से सर sidney  कहते है की ये लोग actually  में जानते नहीं है की poetry  का level  क्या है , value  क्या है , बस इन सब लोगो ने modern  poetry  dekhi  है और भटक गए है , sidney  कहते है की सही में अगर कोई poetry  के नेचर को समझ लेगा तो वो कहेगा का poetry  सभी arts  में एक queen  की तरह है , एक monarch  की तरह है । ( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

ये सभी बाते साबित करने के लिए वह classical  source  का use  करते है , वो कहते है की poet  भी एक तरह का divine  figure  होता है , और वो nature  के perfect  version  को imagine  कर सकता है , और अपना एक world  create  कर सकता है , इसलिए poet  को god  की तरह creator  कहा जा सकता है , और यह classical  time  में कहा भी जाता था ।

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यहाँ Sidney  एक व्यक्ति “Giovanni Pietro  Pugliano ” की बात करते है , जिसे पहले कभी poetry  पसंद नहीं थे , वह उन्हें appreciate  भी नहीं करता था , लेकिन वह जैसे ही poet  बना उसने बड़ा abolished  feel  किया । ( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

Sidney  कहते है की जब कुछ भी नहीं था , वह poetry  पहला art  थी philosophy  और history  दोनों से भी ऊपर क्योकि बहुत सारे classical  philosophers  और historians  जो prose  लिखा करते थे , उन्होंने भी poetry  की इस art  का use  किया है , जैसे की Plato  और Herodotus  ने इन्होने अपने works  को poetry  में लिखा , अपने philosophical  allegories  को poetry  में लिखा था उन्हें ज्यादा effective  बनाने के लिए , और है शायद ये अगर इतना न करते तो ये इतने popular  भी नहीं हो पाते ।( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

Latin  और Greek  language  में भी Poets  को Vates (Future देखने वाला)  और Poietes(Creator) कहा जाता है । क्लासिकल वर्ल्ड में पोएट्री को फ्यूचर की नॉलेज देने वाला मन जाता है , Poetry is an art of imitation( नक़ल करना ) जिसका काम होता है audience  को pleasure  देना , दरअसल, poetry  एक बोलती हुए picture  होती है ।

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Sidney  कहते है की मै religious  या philosophical  , Poetry  की तरफ न झुककर , poet  ने जो सही लिखा है उसे पसंद करता हु । Poetry  इस दुनिया में मौजूद सिर्फ subject  matter  की तरफ ही सिर्फ limited  नहीं है , बल्कि virtue ( उच्‍च नैतिकता (वाला आचरण)  का भी एक perfect  example  सेट करती है , जो चीजे real  में नहीं है उस तरफ भी focus  करती है Poetry .( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

Sidney  कहते है की History  और philosophy  limited  है ये सिर्फ facts  को बताते है , एक philosopher  आखिर करता क्या है , वह सिर्फ wordiest  description  तैयार करता है , तो poet  भी वह कर सकता है , story  और character  को मिलकर वह भी वैसे ही wordiest  description  तैयार  कर सकता है , philosopher  की बाते boring  लग सकती है लेकिन poet  की बात boring  नहीं लगती है , क्योकि poet  में story  और character  दोनों आ जाते है , उसे याद रखा जा सकता है , पढ़ने  में भी मजा आ जाता है , इसका सबसे अच्छा example  है “Aesop’s Fables”

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तो एक poet  को भी सही मायने में एक popular  philosopher  consider  किया जा शता है , कवि यह भी कहता है की अगर हम Poetry  को पढ़कर virtue  सिख रहे है , तो इसका मतलब है हम लोग cherry (एक फल)  वाली medicine  खा रहे है ।

सिडनी कहते है की लोगो ने Poetry  के ऊपर 4 आरोप लगाए है :-

  1. Poetry is a waste of time.
  2. Poetry is mother of lies.(कविताये झूठी होती है)
  3. It is nurse of abuse.( हमारे morals  को corrupt  करती है )
  4. Plato had rightly banished the poets from his ideal world.

इन चारो आरोपों को देखते हुए कवि कहते है जिन लोगो ने आरोप लगाए है , वे सभी लोग poetry  के powers  को जानते थे , और नहीं चाहते थे की poetry  इनके audience  को खा जाये , क्योकि poetry  में virtue  देने की बहुत ही ज्यादा power  होती है अपने audience  को , कवि यह भी कहते है की  प्लेटो ने “Republic” किताब में अपने bad  पार्ट्स को निकला था good  parts  को नहीं ।( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

Conclusion

conclusion  में कवि modern  poetry  की बात करते है , और कहते है की English  poet  , poetry  के साथ कुछ गलत नहीं है , बल्कि आज कल के modern  poets  तो बड़े बेतुके तरीके से poetry  लिखते है , playwriters  बड़े बेतुके तरीके से play  लिखते है । इन सभी modern  poets  को ढंग से poetry  लिखना चाहिए । इन लोगो को classical  work  से सिर्फ बेकवाकूफो की तरह copy  नहीं करना चाहिए उनसे कुछ सीखना भी चाहिए । इन्हे ऐसे के ऐसे कॉपी नहीं करना चाहिए जैसे Sidney  के time  पर बहुत सारे poets , scholars लोग कर रहे  थे ।( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

यहाँ पर Sidney  english  की भी value  बताते है , ये कहते है की English  बहुत ही expressive language  है , english  के अंदर बहुत ही अच्छा literature  लिखने के लिए सारी qualities  है , बहुत सारे skillful  writer  इसका use  करते है , क्योकि यह simple  है , यहाँ sidney  के arguments  को सभी critics  को seriously  लेना चाइये ।( An apology for Poetry by Sir Philip Sidney in Hindi | An apology for Poetry in Hindi )

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