बिग बैंग सिद्धांत क्या है ?

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बिग बैंग सिद्धांत प्रसरणशील ब्रह्मांड के प्रेक्षण पर आधारित है। इस प्रसरण के कारण किसी भी दो आकाशगंगाओं के बीच की दूरी निरंतर बढ़ती जा रही है। अगर हम एक गुब्बारे की कल्पना करें जिस पर छोटे-छोटे कागज के टुकड़े चिपकाये गये हों, तो हम समझ सकते हैं कि जैसे-जैसे हम गुब्बारे में हवा भरते जायेंगे वैसे-वैसे ये टुकड़े एक दूसरे से दूर होते जायेंगे।

ठीक इसी प्रकार हम कल्पना कर सकते हैं। कि आकाशगंगाएं अंतरिक्ष में प्रस्थापित हैं और यह अंतरिक्ष प्रसरण पा रहा है। शोध से यह पता एडविन हबल ने सन 1929 में लगाया था। इसे समझने के लिये सैद्धांतिकों ने आईन्स्टाईन के साधारण सापेक्षता सिद्धांत (प्रश्न 75 देखिये) का इस्तेमाल कर प्रतिरूप (मॉडल) बनाये।

भूत में एक ऐसा समय था जब यह संपूर्ण अंतरिक्ष एक ही में बिंदु में सीमित था। उसमें एक महा-शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जो कि आज देखे गये ब्रह्मांड के प्रसरण का कारण है। आरंभ में प्रसरण की गति बहुत अधिक थी, पर समय के साथ, भीतरी पदार्थ के आपस में गुरुत्वीय आकर्षण के कारण वह धीमी होती गयी।

फिर आकाशगंगाएं बनीं, ब्रह्मांड का तापमान भी गिरता गया और आज हम एक अति शीत ब्रह्मांड में निवास करते हैं। प्रश्न 110 में हम ब्रह्मांड के आरंभ में अत्यधिक गर्म होने का सबूत पेश करेंगे।

अन्य कुछ प्रतिरूपों के अनुसार, ब्रह्मांड में गुरुत्वीय आकर्षण के साथ-साथ एक अन्य बल कार्यरत है जो कि प्रतिकारक है एवं अधिक दूरी पर ही उसका प्रभाव पड़ता है। यह बल ब्रह्मांड के विशाल हो जाने से अब प्रभावी हो गया है। इस कारण ब्रह्मांड का प्रसरण धीमा होने के बजाय अधिक गतिमान हो रहा है।

तो फिर ब्रह्मांड का अंत कैसे होगा? कुछ प्रतिरूपों के अनुसार ब्रह्मांड का प्रसरण धीमा होते-होते बंद हो जायेगा और ब्रह्मांड सिकुड़ने लगेगा सिकुड़ने की गति बढ़ती जायेगी और ब्रह्मांड फिर एक बिंदु में सीमित हो जायेगा। ऐसी स्थिति को बिग क्रंच (big crunch) कहा जाता ।

पर अगर हम उपरोक्त प्रतिकारक बल में विश्वास करते हैं तो ब्रह्मांड का प्रसरण अधिकाधिक गति से होगा और अंत में सभी आकाशगंगाएं एक दूसरे से अनंत दूरी पर चली जायेंगी। ये सभी प्रतिरूप विकासशील (जिसमें परिवर्तन हो रहे हैं) ब्रह्मांड के हैं।

इसलिये सैद्धांतिक तौर पर हम समय-समय पर ब्रह्मांड की तस्वीरें खींच सकते हैं और उन्हें क्रमानुसार रख सकते हैं। ब्रह्मांड के आरंभ से पहले कोई अंतरिक्ष या समय मौजूद नहीं था, इसलिये बिग बैंग के पहले क्या था, यह प्रश्न कोई मायने नहीं रखता।

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Rajveer Singh
Rajveer Singh

Hello my subscribers my name is Rajveer Singh and I am 30year old and yes I am a student, and I have completed the Bachlore in arts, as well as Masters in arts and yes I am a currently a Internet blogger and a techminded boy and preparing for PSC in chhattisgarh ,India. I am the man who want to spread the knowledge of whole chhattisgarh to all the Chhattisgarh people.

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