बर्म्युडा त्रिभुज में हवाई जहाज गिर जाते हैं, जहाज डूब जाते हैं, घड़ियाँ बंद पड़ जाती हैं… इत्यादि रहस्यमय घटनाओं के पीछे कौन सी प्रेरक शक्ति काम करती है? इसमें परकीय जीवों का हाथ होने की संभावना है क्या ?

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चार्ल्स बर्लित्झ ने ‘बर्म्युडा ट्रेंगल’ नाम से एक किताब लिखी, जिस कारण यह त्रिभुज विख्यात हुआ। यह ऍटलांटिक महासागर में स्थित है। इसके तीन शीर्ष हैं: फ्लॉरिडा, पोर्टो रिको और बर्म्युडा।

बर्लित्झ द्वारा इस त्रिभुज में घटी घटनाओं के किये गये वर्णन अतिरंजित अथवा काल्पनिक जान पड़ते हैं। वैज्ञानिक जाँच में जो निष्कर्ष निकाले गए वे लॉरेंस कुश नामक ग्रंथपाल ने अपनी किताब में लिखे हैं।

इस जाँच से बर्म्युडा त्रिभुज में कुछ भी विशेष होने के सबूत नहीं मिलते।उदाहरण स्वरूप दूसरे महायुद्ध के समय (1945) में घटी एक घटना। बर्लित्झ ने लिखा है कि पाँच प्रशिक्षु विमान चालकों के विमान (इनमें एक प्रशिक्षक भी था) दिन के उजाले में इस त्रिभुज में लुप्त हो गए।

उनके पीछे आने वाले शोध विमान को उन्होंने संदेश भेजा कि हम कहाँ हैं यह पता नहीं, वे हमारी पीछा कर रहें हैं। वस्तुस्थिति यह थी कि उस समय ज्ञान ढलने वाली थी। आज की तरह उन्नत रडार तब मौजूद नहीं थे।

पर उस विमान से आया हुआ संदेश यह था हम कहाँ हैं यह हमें ज्ञात है। हमारे पीछे आने की जरूरत नहीं है। यथार्थ में जिस प्रकार बर्म्युडा त्रिभुज में हवाई जहाज गिरे और जहाज डूबे हैं, वैसा ही पृथ्वी के अन्य जगहों पर भी होता है।

औसत से ज्यादा दुर्घटनाएँ इस त्रिभुज में होती हैं यह कहना गलत है। इसलिए वहां कोई भी रहस्य नहीं है अथवा परकीय जीवसृष्टि का हाथ नहीं है।

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