ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है Operating System Kya hota hai

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ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्यूटर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है, जो अन्य सभी प्रोग्रामो को कम्प्यूटर में क्रियान्वित करता है। कोई भी प्रोग्राम कम्प्यूटर मशीन के सम्पर्क में आने से पूर्व ऑपरेटिंग सिस्टम के सम्पर्क में आता है। ऑपरेटिंग सिस्टम एक मास्टर कण्ट्रोल प्रोग्राम है, जो कम्प्यूटर का संचालन करता है एवं एक कुशल नियन्त्रक (Controller) की भूमिका निभाता है।

1.ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो कम्प्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर रिसोर्सेज (Resources); जैसे- मैमोरी, प्रोसेसर और इनपुट/आउटपुट डिवाइसेज़ एवं सॉफ्टवेयर को व्यवस्थित करता है।

2.ऑपरेटिंग सिस्टम विशेष प्रोग्रामों का संग्रह (Collection) है।

3. ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो कम्प्यूटर के विभिन्न अंगों को निर्देश देता है।

4.ऑपरेटिंग सिस्टम यूज़र एवं कम्प्यूटर हार्डवेयर के मध्य एक इण्टरफेस की भाँति कार्य करता है।

विण्डोज का पूरा नाम (वाइड इण्टरएक्टिव नेटवर्क डेवलपमेन्ट फॉर ऑफिस वर्क सॉल्यूशन है। माइक्रोसॉफ्ट विण्डोज, पर्सनल कम्प्यूटर के लिए माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम है। विश्व के लगभग 90% पर्सनल कम्प्यूटरों में माइक्रोसॉफ्ट विण्डोज ऑपरेटिंग सिस्टम प्रयोग हो रहा है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य Functions of Operating System

ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्यूटर के सफल संचालन की प्रक्रिया में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह निम्न प्रकार के कार्य करता है

1.प्रोसेस मैनेजमेन्ट Process Management

ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्यूटर की सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit-CPU) के मैनेजमेन्ट का कार्य करता है। इस मैनेजमेन्ट के द्वारा सभी प्रोग्राम एक-एक करके निष्पादित (Execute) होते हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम सभी प्रोग्रामों के समय को सी.पी.यू. के लिए विभाजित कर देता है।

2.मैमोरी मैनेजमेन्ट Memory Management,

ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्राम के सफल निष्पादन के लिए मैमोरी मैनेजमेन्ट का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कार्य करता है। कम्प्यूटर की मैमोरी में कुछ स्थान सुरक्षित रखे जाते हैं, जिनका विभाजन प्रोग्रामों के मध्य किया जाता है तथा साथ ही यह भी ध्यान रखा जाता है कि प्रोग्रामों को मैमोरी में अलग-अलग स्थान प्राप्त हो सके। ऑपरेटिंग सिस्टम का कार्य किसी भी प्रोग्राम को इनपुटिंग एवं आउटपुटिंग के समय आँकड़ों एवं सूचनाओं को अपने निर्धारित स्थान पर संगृहीत करना होता है।

3.इनपुट-आउटपुट डिवाइस मैनेजमेन्ट Input-Output Device Management

ऑपरेटिंग सिस्टम इनपुट यूनिट से डेटा को पढ़कर मैमोरी में उचित स्थान पर संगृहीत करने एवं प्राप्त परिणाम को मैमोरी से आउटपुट यूनिट तक पहुंचाने का कार्य करता है। प्रोग्राम लिखते समय कम्प्यूटर को केवल यह बताया जाता है कि हमें क्या इनपुट करना है और क्या आउटपुट लेना है, शेष कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है।

4.फाइल मैनेजमेन्ट File Management

ऑपरेटिंग सिस्टम फाइलों को एक सुव्यवस्थित ढंग से किसी डायरेक्ट्री (Directory) में संग्रहीत करने की सुविधा प्रदान करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम किसी प्रोग्राम के निष्पादन के समय, इसे सेकेण्डरी मैमोरी से पढ़कर प्राइमरी मैमोरी में डालने का कार्य करता है।

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